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भारत का हिस्सा था, है और रहेगा, पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर विदेश मंत्रालय ने लगाई फटकार

Ministry of External Affairs Update: विदेश मंत्रालय ने ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ की हेडलाइन पर कड़ी आपत्ति जताई। जानिए PoJK को लेकर भारत ने क्या कहा, क्यों NYT को फटकार लगाई और पूरा मामला क्या है?
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Updated: 31 Jul 2026, 7:28 PM IST
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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ( इमेज सोर्स: ANI)

Pakistan Occupied Kashmir Latest Update: अखबार ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ ने अपनी एक रिपोर्ट में पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) को पाकिस्तानी कश्मीर लिख दिया। जिस पर अब भारत सरकार ने कड़ी आपत्ति जताई। विदेश मंत्रालय (MEA) ने साफ कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत का अभिन्न हिस्सा हैं। साथ ही अंतरराष्ट्रीय मीडिया और सभी देशों से सही शब्दावली का इस्तेमाल करने की अपील की।

'पाकिस्तानी कश्मीर' शब्द पर भारत की सख्त आपत्ति

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को मीडिया ब्रीफिंग में भारत का रुख दोहराया। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का पूरा क्षेत्र भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है। यह पहले भी भारत का हिस्सा था, आज भी है और हमेशा रहेगा।

उन्होंने कहा कि भारत चाहता है कि सभी अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं, मीडिया संगठन और साझेदार इस क्षेत्र का सही नाम इस्तेमाल करें। भारत के अनुसार, पाकिस्तान के कब्जे वाले इलाके को ‘पाकिस्तान अधिकृत जम्मू और कश्मीर’ (PoJK) कहा जाना चाहिए। इसे 'पाकिस्तानी कश्मीर' कहना सही नहीं है।

अमेरिकी भारतीय दूतावास ने भी जताया विरोध

दरअसल, इस विवाद की शुरुआत तब हुई जब अखबार ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ ने अपनी एक खबर में 'पाकिस्तानी कश्मीर' शब्द का इस्तेमाल किया। इसके बाद अमेरिका स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। दूतावास ने कहा कि यह हेडलाइन भ्रामक और तथ्यात्मक रूप से गलत है। पोस्ट में लिखा गया कि कोई 'पाकिस्तानी कश्मीर' नहीं है, केवल ‘पाकिस्तान अधिकृत जम्मू और कश्मीर’ (PoJK) है।

दूतावास ने यह भी दोहराया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न हिस्से हैं। भारत का यह रुख लंबे समय से स्पष्ट और स्थिर रहा है। इसलिए किसी भी अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थान को ऐसी शब्दावली का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, जिससे वास्तविक स्थिति को लेकर भ्रम पैदा हो।

पाकिस्तान पर भी लगाए गंभीर आरोप

भारतीय दूतावास ने अपने बयान में पाकिस्तान पर गंभीर आरोप भी लगाए। उसने कहा कि पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्सों पर गैरकानूनी कब्जा कर रखा है। साथ ही वहां रहने वाले लोगों के खिलाफ हिंसा और दमन की घटनाएं जारी हैं। विदेश मंत्रालय ने भी कहा कि भारत का कानूनी और राजनीतिक रुख बिल्कुल स्पष्ट है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न अंग हैं और इस स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है।

भारत ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया, विदेशी सरकारों और सभी वैश्विक संस्थाओं से अपील की है कि वे इस संवेदनशील मुद्दे पर सही कानूनी और राजनीतिक शब्दों का ही इस्तेमाल करें। सरकार का कहना है कि गलत शब्दावली न केवल भ्रम पैदा करती है, बल्कि वास्तविक तथ्यों को भी गलत तरीके से प्रस्तुत करती है। यही कारण है कि भारत ने अखबार ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ की हेडलाइन पर औपचारिक आपत्ति दर्ज कराते हुए अपना स्पष्ट रुख एक बार फिर दुनिया के सामने रखा है।

Updated on:
31 Jul 2026, 7:28 PM IST
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