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नौसेना की ताकत होगी और घातक! ₹661 करोड़ में मिलेंगे नए ब्रह्मोस लॉन्चर, 21 किमी ऊपर पहुंचा स्वदेशी HAPS

BrahMos Aerospace: भारतीय नौसेना की ताकत बढ़ाने के लिए ₹661.50 करोड़ का ब्रह्मोस लॉन्चर करार हुआ। DRDO ने 16 हजार फीट से पैराशूट टेस्ट और 21 किमी ऊंचाई तक HAPS उड़ान सफल की।
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नौसेना के युद्धपोतों की बढ़ेगी मारक क्षमता: ब्रह्मोस लॉन्चर के लिए 661.50 करोड़ का करार, Photo Source@ChatGpt

रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और सैन्य क्षमता बढ़ाने की दिशा में मंगलवार को कई अहम उपलब्धियां सामने आईं। रक्षा मंत्रालय ने भारतीय नौसेना के अग्रिम पंक्ति के युद्धपोतों की मारक क्षमता बढ़ाने के लिए ब्रह्मोस एयरोस्पेस प्राइवेट लिमिटेड के साथ 661.50 करोड़ रुपए का करार किया।
इसके तहत नौसेना के युद्धपोतों के लिए ब्रह्मोस लॉन्चर और फायर कंट्रोल सिस्टम खरीदे जाएंगे। इन प्रणालियों को अग्रिम पंक्ति के युद्धपोतों पर लगाया जाएगा। करार में कम से कम 68 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री अनिवार्य की गई है। इससे घरेलू रक्षा उद्योग और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों की भागीदारी बढ़ने की उम्मीद है।

16 हजार फीट से स्वदेशी पैराशूट का परीक्षण

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने पूर्वी लद्दाख के न्योमा ड्रॉप जोन में स्वदेशी एडवांस्ड हाई-एल्टीट्यूड पैराशूट का पहला लाइव जंप सफलतापूर्वक पूरा किया। परीक्षण में 16 हजार फीट की ऊंचाई से छलांग, 15,500 फीट पर पैराशूट खोलने और 13,700 फीट पर सुरक्षित लैंडिंग की गई।

इसे ऊंचाई वाले और चुनौतीपूर्ण सीमावर्ती क्षेत्रों में सैनिकों की पैराड्रॉप क्षमता बढ़ाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। यह प्रणाली 18 हजार फीट तक की ऊंचाई से बड़ी संख्या में पैराट्रूपर्स को उतारने के लिए विकसित की गई है। इसे डीआरडीओ की एरियल डिलीवरी रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट, आगरा ने विकसित किया है और इसका निर्माण कानपुर में हुआ है।

21 किमी ऊपर पहुंचा स्वदेशी एचएपीएस

डीआरडीओ ने स्वदेशी हाई-एल्टीट्यूड प्लेटफॉर्म सिस्टम (एचएपीएस) का भी सफल उड़ान परीक्षण किया। प्लेटफॉर्म 21 किलोमीटर की ऊंचाई तक पहुंचा और करीब 20 किलोमीटर की ऊंचाई पर 30 मिनट से अधिक समय तक उड़ान बनाए रखी। समतापमंडल में लंबे समय तक निगरानी के लिए विकसित किए जा रहे इस प्लेटफॉर्म से भविष्य में संवेदनशील और सीमावर्ती क्षेत्रों की लगातार हवाई निगरानी की क्षमता मजबूत हो सकती है।

‘सूर्य’ से युद्धपोतों को मिलेगी समुद्र में मदद

विशाखापत्तनम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय नौसेना के पहले स्वदेशी फ्लीट सपोर्ट शिप (एफएसएस-1) ‘सूर्य’ का जलावतरण किया। करीब 43,500 टन क्षमता वाला यह जहाज समुद्र में तैनात युद्धपोतों को ईंधन, रसद और अन्य जरूरी सहायता उपलब्ध कराएगा। इससे युद्धपोत लंबे समय तक समुद्र में अभियान जारी रख सकेंगे। इस मौके पर एफएसएस-5 की आधारशिला भी रखी गई। साथ ही उन्नत स्लिपवे-4 और 300 टन क्षमता वाली गोलियथ क्रेन का उद्घाटन किया गया। नई सुविधाओं से हिंदुस्तान शिपयार्ड 45 हजार डेडवेट टन तक के जहाज बनाने और उतारने में सक्षम होगा।

Updated on:
07 Oct 2026 01:17 am
Published on:
07 Oct 2026 01:17 am