
Sam Pitroda on Mohan Bhagwat: इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता सैम पित्रोदा ने अमेरिका में हाल ही में आयोजित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के कार्यक्रम की कड़ी आलोचना की। उन्होंने मोहन भागवत के 'विविधता में एकता भारत के DNA में है' वाले बयान पर भी सवाल उठाए और कहा कि RSS के सार्वजनिक बयानों और जमीनी हकीकत के बीच बुनियादी अंतर है।
सैम पित्रोदा ने कहा, 'आप मुस्लिम, ईसाई, यहूदी, बौद्ध और अन्य समुदायों के लोगों से पूछिए कि आज वे भारत में कैसा महसूस करते हैं, आपको जवाब मिल जाएगा। एक तरफ यह कहना कि हम सभी का सम्मान करते हैं और फिर किसी को पीट देना… आप (भागवत) जो कहते हैं, उसका मतलब नहीं रखते और जो मतलब रखते हैं, उसे कहते नहीं हैं। यह सब कहना अच्छा लगता है, लेकिन क्या वास्तव में अमल में भी ऐसा ही है? आपके शब्दों से ज्यादा आपके काम मायने रखते हैं।'
सैम पित्रोदा यहीं नहीं रुके। उन्होंने कहा कि सभी धर्मों के सम्मान की बात करना, जबकि हिंसा और जाति आधारित भेदभाव की घटनाएं जारी रहें, जैसे दलितों या अल्पसंख्यक समुदायों पर हमले, RSS के कथित पाखंड को उजागर करता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत के मूल सिद्धांतों का वास्तविक पालन करने का मतलब केवल विदेशों में भाषण देना नहीं है, बल्कि व्यवहार में सभी समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है।
RSS प्रमुख मोहन भागवत ने न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में आयोजित 'वन वर्ल्ड, वन ह्यूमैनिटी' कार्यक्रम को संबोधित किया था। इस दौरान उन्होंने कहा था, 'अगर कोई हिंदू सोचता है कि भारत में कोई मुस्लिम नहीं होना चाहिए, तो वह हिंदू नहीं रहेगा। अगर आप खुद को हिंदू कहते हैं, तो आपको विश्वास करना होगा कि सभी रास्ते एक ही लक्ष्य की ओर जाते हैं।'
उन्होंने आगे कहा, 'अगर आप खुद को हिंदू कहना चाहते हैं, तो आपको मानना होगा कि सभी रास्ते एक ही लक्ष्य की ओर जाते हैं। हर इंसान की गरिमा है। इंसानों के बीच कोई भेद नहीं है।'
गौरतलब है कि अमेरिका यात्रा के दौरान कार्यक्रम से पहले RSS प्रमुख मोहन भागवत को विरोध का सामना करना पड़ा था। न्यूयॉर्क सिटी के मेयर जोहरान ममदानी ने भागवत के दौरे का कड़ा विरोध किया था। न्यूयॉर्क सिटी काउंसिल के कई सदस्यों ने भी मैडिसन स्क्वायर गार्डन जैसे आयोजन स्थलों से कार्यक्रम रद्द करने की अपील की थी।