
नई दिल्ली। ट्रैफिक जाम की समस्या से दुनिया के किसी भी हिस्से में लोगों को परेशानी हो सकती है। हालांकि, आयरलैंड में रहने वाली भारतीय महिला दीपाली ठुकराल ने वहां और भारत के यातायात के अनुभव में अंतर बताते हुए सड़क अनुशासन और वाहन चालकों के व्यवहार की तारीफ की है। इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए एक वीडियो में उन्होंने बताया कि धैर्य, लेन अनुशासन और पैदल यात्रियों के प्रति सम्मान से व्यस्त सड़कें भी सुरक्षित महसूस हो सकती हैं।
दीपाली ठुकराल ने कहा कि आयरलैंड में भी ट्रैफिक होता है, लेकिन वहां वाहन चालकों का व्यवहार अलग नजर आता है। उन्होंने कहा कि ट्रैफिक कितना भी अधिक हो, लोग बेवजह हॉर्न नहीं बजाते और बार-बार लेन बदलने की कोशिश नहीं करते। वाहनों के बीच सुरक्षित दूरी भी बनाए रखी जाती है।
उन्होंने बताया कि यदि कोई पैदल यात्री सड़क पार कर रहा हो और इसी दौरान पैदल यात्रियों के लिए रेड लाइट हो जाए तथा वाहनों के लिए बत्ती हरी हो जाए, तब भी चालक वाहन आगे नहीं बढ़ाते। वे पैदल यात्री के पूरी तरह सड़क पार करने का इंतजार करते हैं।
दीपाली ने बताया कि कई जगहों पर उन्होंने देखा है कि सड़क पूरी तरह खाली होने के बावजूद वाहन चालक लाल बत्ती पर रुकते हैं। किसी वाहन या व्यक्ति के आसपास न होने पर भी वे संकेत हरा होने का इंतजार करते हैं।
उन्होंने कहा कि सुबह घर से बाहर निकलने पर यहां अफरा-तफरी के बजाय धैर्य नजर आता है। यातायात हर जगह है, लेकिन अंतर यह है कि कहीं वाहन चलाना सुरक्षित महसूस होता है, जबकि कहीं सड़क पर निकलते हुए भी डर लगता है।
दीपाली ने कहा कि उन्होंने कुछ जगहों पर यह भी देखा है कि सड़क पूरी तरह खाली होने के बावजूद वाहन चालक लाल बत्ती पर रुकते हैं। आसपास कोई वाहन या व्यक्ति न होने पर भी वे हरी बत्ती होने का इंतजार करते हैं।
उन्होंने कहा कि जब आप सुबह घर से बाहर निकलते हैं, तो आपको धैर्य दिखता है, अफरा-तफरी नहीं। ट्रैफिक हर जगह होता है। बस फर्क इतना है कि एक जगह गाड़ी चलाना सुरक्षित लगता है, जबकि दूसरी जगह घर से बाहर निकलने में ही डर लगता है।
वीडियो साझा करते हुए दीपाली ने लिखा कि तनाव केवल ट्रैफिक की वजह से नहीं होता, बल्कि वाहन चलाने के तौर-तरीकों की कमी भी इसका कारण बनती है। उन्होंने कहा कि ऐसी सड़कें देखकर, जहां लोग पैदल यात्रियों का सम्मान करते हैं, सुरक्षित दूरी बनाए रखते हैं और बिना वजह हॉर्न बजाए अपनी लेन में चलते हैं, यह समझ आता है कि वाहन चलाना कितना सुरक्षित हो सकता है। उन्होंने कहा कि ट्रैफिक हर जगह है, लेकिन सड़क पर एक-दूसरे के प्रति सम्मान से बहुत फर्क पड़ता है।
दीपाली के वीडियो पर सोशल मीडिया यूजर्स ने भी प्रतिक्रियाएं दीं। कई लोगों ने माना कि सड़क पर अनुशासन वाहन चलाने के अनुभव को बेहतर बना सकता है। एक यूजर ने लिखा कि सड़क पर धैर्य रखने से सब कुछ बदल जाता है। दूसरे ने कहा कि ट्रैफिक नियमों का सम्मान करना ऐसा ही होता है। एक अन्य यूजर ने बिना वजह हॉर्न न बजने को सपने जैसा बताया। वहीं, एक और व्यक्ति ने कहा कि सड़क पर अनुशासन नागरिक समझदारी को दर्शाता है।
डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूजर्स द्वारा शेयर किए गए कंटेंट पर आधारित है। पत्रिका इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है और न ही खबर में इनके सही होने का समर्थन करता है।