
Indigo Flight Delay: देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो के परिचालन को लेकर पिछले दो दिनों से भयंकर बवाल मचा हुआ है। गुरुवार को 550 से ज्यादा और शुक्रवार को करीब 400 उड़ानें रद्द होने से हजारों यात्री एयरपोर्ट पर फंसे रहे। दिल्ली एयरपोर्ट पर 220 से ज्यादा, बेंगलुरु में 100 से ज्यादा और हैदराबाद में 90 से अधिक उड़ानें कैंसिल हुईं। कई फ्लाइट्स घंटों लेट हुईं और यात्रियों में भारी गुस्सा देखने को मिला। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमे पिता गुस्से में अपनी बेटी के लिए सेनेटरी पैड मांगते हुए दिख रहे हैं।
इंडिगो फ्लाइट्स डिले और कैंसलेशन के बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमे एक पिता गुस्से में अपनी बेटी के लिए सेनेटरी पैड मांगते हुए दिख रहे हैं। देखा जा सकता है की एयरपोर्ट पर भारी मात्रा में भीड़ उमड़ी है।
कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इस पूरे संकट को मोदी सरकार की नीतियों से जोड़ते हुए तीखा हमला बोला। शुक्रवार को X पर पोस्ट करते हुए राहुल ने लिखा “इंडिगो का यह संकट इस सरकार के एकाधिकार मॉडल की कीमत है। एक बार फिर आम भारतीय ही कीमत चुका रहा है – देरी, रद्दीकरण और बेबसी के रूप में। भारत को हर क्षेत्र में निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा चाहिए, मैच-फिक्सिंग वाले एकाधिकार नहीं।” राहुल का इशारा साफ है कि सरकार ने कुछ चुनिंदा कारोबारियों को फायदा पहुंचाने के लिए बाजार में एकाधिकार को बढ़ावा दिया, जिसका खामियाजा अब आम यात्री भुगत रहे हैं।
नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने शुक्रवार को उच्चस्तरीय बैठक बुलाई और इंडिगो प्रबंधन पर भड़के। मंत्री ने साफ कहा कि नए FDTL नियम लागू करने के लिए एयरलाइन को पर्याप्त समय दिया गया था, फिर भी इतनी बड़ी चूक कैसे हुई? उन्होंने इंडिगो से तुरंत सुधार के कड़े निर्देश दिए हैं।
इंडिगो ने DGCA को बताया है कि नये फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नियमों के दूसरे चरण को लागू करने में उसकी तरफ से “गलत आकलन और योजना की कमी” रही, जिसके चलते ये संकट पैदा हुआ। एयरलाइन ने स्वीकार किया है कि 8 दिसंबर तक और रद्दीकरण हो सकते हैं, और पूरा परिचालन सामान्य होने में 10 फरवरी 2026 तक का वक्त लगेगा। कंपनी ने नियामक से उड़ान ड्यूटी नियमों में अस्थायी छूट भी मांगी है।