
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा पास घोटाले की जांच के सिलसिले में गिरफ्तार पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन को अदालत ने 13 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। वह 10 नवंबर तक पुलिस कस्टडी में रहेंगे। कोलकाता पुलिस सेन से दुर्गा पूजा पास घोटाले के साथ-साथ उनके कार्यकाल के दौरान कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े अन्य मामलों में भी पूछताछ करेगी।
सेन को बुधवार शाम को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के साल्ट लेक स्थित कार्यालय से बाहर निकलने के बाद गिरफ्तार किया गया था। इससे पहले उनसे मामले में लंबी पूछताछ की गई थी। गिरफ्तारी के बाद उन्हें मेडिकल जांच के लिए ले जाने और फिर अदालत में पेश करने की प्रक्रिया पूरी की गई।
दुर्गा पूजा उत्सव से जुड़े पासों के कथित घोटाले की जांच कोलकाता पुलिस और प्रवर्तन निदेशालय अलग-अलग स्तर पर कर रहे हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सेन से विस्तृत पूछताछ जरूरी है, ताकि कथित घोटाले के अलावा पिछली सरकार के दौरान हुए वित्तीय लेन-देन और अन्य अनियमितताओं से जुड़े तथ्यों का पता लगाया जा सके। सेन पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस सरकार में मंत्री रह चुके हैं। वह राज्य के सूचना एवं सांस्कृतिक मामलों के विभाग में राज्य मंत्री के रूप में भी काम कर चुके हैं।
सेन की गिरफ्तारी के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि कथित घोटालों से लाभ उठाने वाले अन्य प्रभावशाली लोगों को भी बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सेन ने अपने मंत्री पद और तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से करीबी का फायदा उठाकर धन अर्जित किया।
अधिकारी ने दावा किया कि पिछली सरकार में सेन अकेले ऐसे मंत्री नहीं थे, जिन्होंने अपने पद का कथित तौर पर दुरुपयोग कर संपत्ति बनाई। उन्होंने संकेत दिया कि जांच में यदि अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है। ये आरोप मुख्यमंत्री के बयान पर आधारित हैं; संबंधित आरोपों की पुष्टि जांच और कानूनी प्रक्रिया के जरिए होनी है।
इस महीने की शुरुआत में ईडी ने एक बयान में सेन के स्वामित्व वाली कंपनी 'ऑक्टेव रिकॉर्ड्स' से जुड़े वित्तीय लेन-देन का उल्लेख किया था। एजेंसी के अनुसार, कंपनी के खातों से बैंकिंग माध्यमों के जरिए करीब 30 लाख रुपए कथित तौर पर ममता बनर्जी को हस्तांतरित किए गए थे। हालांकि, सेन ने इस भुगतान को रॉयल्टी बताया है। ऐसे में इस लेन-देन की प्रकृति और उससे जुड़े तथ्यों की जांच अहम मानी जा रही है।
पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में संस्थागत भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए राज्य सरकार ने एक न्यायिक जांच आयोग गठित किया है। आयोग ने सूचना एवं सांस्कृतिक मामलों के विभाग की टेंडर प्रक्रिया में कथित करोड़ों रुपए की अनियमितताओं से जुड़े मामले की जांच शुरू की है।
इस विभाग में सेन राज्य मंत्री के रूप में काम कर चुके हैं। आयोग की जांच ईडी की मनी लॉन्ड्रिंग जांच से अलग है। अब पुलिस हिरासत के दौरान सेन से इन मामलों से जुड़े पहलुओं पर भी पूछताछ किए जाने की संभावना है।