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‘देश के बंटवारे के लिए कांग्रेस जिम्मेदार’, आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार ने राहुल गांधी पर साधा निशाना

Indresh Kumar RSS: राहुल गांधी की आरएसएस पर टिप्पणी के बाद इंद्रेश कुमार ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने देश के विभाजन, मोहन भागवत पर टिप्पणियों और प्रधानमंत्री को मिले अंतरराष्ट्रीय सम्मानों का भी जिक्र किया।
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Updated: 22 Oct 2026, 6:44 PM IST
Rahul Gandhi news
राहुल गांधी (फोटो-ANI)

RSS: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के नेता इंद्रेश कुमार ने राहुल गांधी की संघ को लेकर की गई टिप्पणी पर पलटवार करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस लंबे समय से आरएसएस के बारे में बेबुनियाद बातें फैलाती रही है। इंद्रेश कुमार ने देश के विभाजन के लिए भी कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि संघ को लेकर गलत दावे किए जाते रहे हैं।

राहुल गांधी की टिप्पणी पर क्या बोले इंद्रेश कुमार?

राहुल गांधी की आरएसएस पर टिप्पणी को लेकर इंद्रेश कुमार ने आरोप लगाया कि कांग्रेस संघ के बारे में लगातार गलत और आधारहीन दावे करती रही है। उन्होंने कहा कि संघ को लेकर किए जाने वाले आरोप तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। संघ में महिलाओं की स्थिति पर उठने वाले सवालों के जवाब में इंद्रेश कुमार ने कहा कि एक ओर यह दावा किया जाता है कि संघ से जुड़ी महिलाएं कांग्रेस के साथ हैं, वहीं दूसरी ओर संघ में महिलाओं के दमन के आरोप लगाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि संघ और उससे जुड़े संगठन महिलाओं को सम्मान देते हैं और कांग्रेस से इस मामले में तुलना करते हुए अपनी बात रखी।

प्रियांक खरगे की टिप्पणी पर भी दिया जवाब

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को लेकर प्रियांक खरगे की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए इंद्रेश कुमार ने कहा कि संघ की आलोचना करने वाले कई लोगों ने संगठन को करीब से नहीं समझा है। उन्होंने आलोचना करने वालों से अपने कामकाज और रिकॉर्ड पर भी ध्यान देने को कहा। इंद्रेश कुमार ने कांग्रेस के इतिहास का जिक्र करते हुए महात्मा गांधी से जुड़ी उस सलाह की भी बात की, जिसमें कथित तौर पर कांग्रेस को भंग कर नई राजनीतिक पार्टी बनाने का सुझाव दिया गया था। उन्होंने कहा कि पार्टी ने अपने ही नेता की बात नहीं मानी।

प्रधानमंत्री को मिले अंतरराष्ट्रीय सम्मानों का भी किया जिक्र

इंद्रेश कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिले अंतरराष्ट्रीय सम्मानों का जिक्र करते हुए दावा किया कि पिछले 10 से 11 वर्षों में 38 से अधिक देशों ने उन्हें अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान दिए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि भारत को ये सम्मान क्यों मिल रहे हैं और इसे देश की बढ़ती वैश्विक पहचान से जोड़कर देखा।

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22 Oct 2026, 6:44 PM IST
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