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मनोज जरांगे पाटील के ऑडियो क्लिप से महाराष्ट्र में सियासी भूचाल, मंत्री उदय सामंत ने की SIT और फोरेंसिक जांच की मांग

Manoj Jarange Audio Clip : मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटील द्वारा जारी 32 मिनट के एक ऑडियो क्लिप ने महाराष्ट्र के राजनीतिक हलकों में सियासी भूचाल खड़ा कर दिया है। मंत्री उदय सामंत ने साइबर, फोरेंसिक लैब और एसआईटी से जांच कराने की मांग की है।
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भारत

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kamlesh sharma

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Updated: 22 Oct 2026, 5:56 PM IST

Minister Uday Samant

Minister Uday Samant (Photo: IANS/Chandrakant Paddhane)

Maharashtra Audio Clip Controversy : मुंबई। मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटील द्वारा जारी 32 मिनट के एक ऑडियो क्लिप ने महाराष्ट्र के राजनीतिक हलकों में सियासी भूचाल खड़ा कर दिया है। इस मामले को लेकर शिवसेना के वरिष्ठ नेता और उद्योग मंत्री उदय सामंत ने गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ऑडियो क्लिप की साइबर, फोरेंसिक लैब और एसआईटी (SIT) से बहु-एजेंसी जांच कराने की मांग की है।

ऑडियो में 500 करोड़ के लेनदेन का दावा, फड़नवीस भी निशाने पर

मनोज जरांगे पाटील ने इस ऑडियो क्लिप को सार्वजनिक करते हुए आरोप लगाया था कि मराठा आंदोलन को बदनाम करने और उनके आंदोलन को कुचलने की गहरी राजनीतिक साजिश रची जा रही है। इस ऑडियो के एक चौंकाने वाले हिस्से में दावा किया गया है कि, जरांगे पाटील को पहले ही 500 करोड़ रुपए मिल चुके हैं, जो श्रीकांत शिंदे के माध्यम से पहुंचे हैं। इसमें यह भी कहा गया है कि मुख्य व्यक्तिगत निशाना देवेंद्र फडणवीस और भाजपा ही हैं।

शिवसेना और भाजपा में दरार डालने की साजिश: सामंत

उद्योग मंत्री उदय सामंत ने इस ऑडियो क्लिप को उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की मराठा समाज में छवि खराब करने और शिवसेना-भाजपा गठबंधन के बीच गलतफहमियां पैदा करने की गहरी साजिश करार दिया। मंत्री ने कहा कि ऑडियो क्लिप में बातचीत की प्रामाणिकता की जांच होनी चाहिए। पुलिस, साइबर सेल, फोरेंसिक साइंस लैब और एसआईटी को मिलकर यह पता लगाना चाहिए कि ये आवाजें किसकी हैं, इसे किसने और कहां रिकॉर्ड किया तथा यह जरांगे पाटिल तक कैसे पहुंचा।

पर्दे के पीछे के मास्टरमाइंड का हो खुलासा

उन्होने कहा कि 500 करोड़ रुपए के निराधार आरोपों पर उलझने के बजाय जांच एजेंसियों को इस साजिश के पीछे छिपे असली मास्टरमाइंड का पर्दाफाश करना चाहिए। सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे का इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है। उनका नाम इस बातचीत में क्यों घसीटा गया, इसकी मंशा की जांच होनी जरूरी है। उन्होंने बताया कि शिवसेना का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस से मुलाकात कर इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच की औपचारिक मांग करेगा।

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