
India US Diplomacy
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि, उन्हें यह समझ नहीं आ रहा है कि भारत के विपक्षी दल मुंबई में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की मेजबानी करने की आलोचना क्यों कर रहे हैं। उन्होंने अतीत के कुछ ऐसे उदाहरण भी दिए, जब भारतीय नेता दिल्ली के बाहर विदेशी नेताओं से मिले थे।
NDTV वर्ल्ड समिट में बोलते हुए विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा, "मुझे यह बात समझ नहीं आई। क्या उन्हें मुंबई पसंद नहीं है? मेरा मतलब है, क्या उन्हें मुंबई से कोई दिक्कत है? मुझे लगता है कि यह एक बेहतरीन शहर है, यह हमारी आर्थिक राजधानी है। यह हमारे बॉलीवुड का केंद्र है। यहाँ बहुत कुछ खास है। हो सकता है कि मुंबई ही उन्हें पसंद न हो… मुझे नहीं पता कि उन्हें इस बात से क्या आपत्ति है।"
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पिछले हफ्ते मुंबई में रुबियो और विदेश मंत्री जयशंकर की मुलाकात को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार पर निशाना साधा था और इसे "तलब किया जाना" (बुलाया जाना) करार दिया था। इसके बाद विदेश मंत्री जयशंकर ने ऐसे कई उदाहरण दिए, जब भारत ने दिल्ली के बाहर विदेशी नेताओं की मेजबानी की थी।
उन्होंने सवाल किया, "अगर किसी विदेशी नेता या समकक्ष से मिलने के लिए दिल्ली से बाहर जाना 'तलब किया जाना' है, तो मैं आपको ऐसे कई उदाहरण दे सकता हूँ। श्रीमती (इंदिरा) गांधी भुट्टो से मिलने शिमला गई थीं। क्या उन्हें तलब किया गया था? सलमान खुर्शीद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री से मिलने जयपुर गए थे। क्या उन्हें तलब किया गया था?" वहां मौजूद लोगों की तालियों के बीच विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा, "हम समझदार लोग हैं, आइए समझदारी से बात करें। चलिए, अब इस बात को यहीं छोड़ते हैं।"
विदेश मंत्री जयशंकर ने 19-20 अक्टूबर को मुंबई में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और अमेरिका के अपने समकक्षों की मेजबानी की थी। इसके अलावा, उन्होंने अमेरिका की स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ के जश्न में 'गेस्ट ऑफ ऑनर' (मुख्य अतिथि) के तौर पर भी हिस्सा लिया। पिछले हफ्ते, विदेश मंत्रालय (MEA) ने विदेश मंत्री जयशंकर की द्विपक्षीय मुलाकातों के लिए मुंबई को चुने जाने पर की गई आलोचनाओं को भी खारिज कर दिया था।
Updated on:
22 Oct 2026, 8:53 PM IST
Published on:
22 Oct 2026, 8:44 PM IST
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