
मणिपुर के मुख्यमंत्री एन वीरेन सिंह ने शनिवार को घोषणा की कि राज्य में मोबाइल इंटरनेट पर प्रतिबंध हटा दिया जाएगा। बता दें कि चुराचांदपुर जिले में इंटरनेट प्रतिबंध का उल्लंघन करने पर एयरटेल के दो कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इस साल तीन मई को चुराचांदपुर जिले में दंगे शुरू होने के बाद इंटरनेट पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। हालांकि सरकार ने जुलाई के आखिरी में कुछ शर्तों के साथ कुछ जगहों पर इंटरनेट से बैन हटा लिया था।
CM ने की घोषणा
23 सिंतबर को सचिवालय में मीडिया को संबोधित करते हुए CM बिरेन सिंह ने कहा कि मणिपुर सरकार ने राज्य में इंटरनेट से बैन हटाने का फैसला लिया है। इसके साथ ही सरकार ने मंत्री लेटपाओ हाओकिप की अध्यक्षता में अवैध प्रवासियों की आमद की जांच के लिए एक समिति का गठन किया है।
3 मई से बंद था इंटरनेट
बता दें कि राज्य में आरक्षण के मुद्दे पर कुकी और नागा समुदाय के लोग आमने सामने आ गए थे। इसके बाद से करीब 3 महीने तक राज्य में हिंसा का दौर जारी रहा। वहीं, सरकार ने राज्य में हिंसा को रोकने के लिए इंटरनेट पर ये कहते हुए बैन लगा दिया कि इंटरनेट से हिंसा करने वालों को मदद मिल रहा है।
कानून तोड़ने के वालों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई
उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य दोनों के सुरक्षा बल हथियारों को बरामद करने के लिए पूरे राज्य में एक मजबूत और व्यापक तलाशी अभियान चलाएंगे और किसी भी अवैध हथियार से जुड़े व्यक्तियों से सख्ती से निपटा जाएगा। उन्होंने कहा कि अवैध हथियारों का इस्तेमाल कर जबरन वसूली, धमकी और अपहरण करने वाले उपद्रवियों, समूहों के खिलाफ राज्य सरकार कड़ी कार्रवाई करेगी।
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