राष्ट्रीय

ईरान युद्ध की वजह से बढ़ेंगे खाद के दाम? सरकार ने बताई सच्चाई

ईरान और US-इजरायल के बीच पिछले माह 28 फरवरी को शुरू हुई जंग की वजह से पूरे मिडिल ईस्ट में नाजुक हालात हैं और कच्चे तेल-गैस एवं उर्वरक की आपूर्ति बाधित हुई है। वैश्विक स्तर पर उत्पन्न हुई ऐसी परिस्थिति में क्या भारत में उर्वरक के दाम बढ़ेंगे? केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस सवाल का जवाब दिया है।

2 min read
Apr 11, 2026
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान (Photo - IANS)

ईरान और US-इजरायल के बीच पिछले माह 28 फरवरी को जंग शुरू हुई थी। फिलहाल, ईरान और अमेरिका के बीच कुछ समय के लिए युद्ध विराम की सहमति बनी है। स्थाई तौर पर सीजफायर लागू करने के विषय पर चर्चा के लिए ईरान और अमेरिका के प्रतिनिधि पाकिस्तान पहुंच चुके हैं। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों के लिए बड़ी खबर दी है।

ये भी पढ़ें

बंगाल चुनाव से पहले खेला! एकला चलो की राह पर औवैसी, हुमायूं कबीर को दिया तगड़ा झटका

नहीं बढ़ेंगे खाद के दाम

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान (Union Minister Shivraj Singh Chouhan) ने बताया कि अमरीका-ईरान युद्ध (US-Iran War) के कारण वैश्विक बाजार में कच्चा माल महंगा होने के बावजूद देश में खाद के दाम नहीं बढ़ेंगे। सरकार किसानों को पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करेगी। इसके साथ ही खाद का गैर-कृषि व औद्योगिक क्षेत्रों में दुरुपयोग रोकने व पारदर्शी वितरण के लिए सरकार किसान ID बनाएगी। शिवराज ने कहा- किसानों को यूरिया का बैग 266 रुपए और DAP 1350 रुपए में मिलती रहेगी। सरकार पूरा अतिरिक्त बोझ खुद उठा रही है, ताकि किसानों पर कोई असर न पड़े। किसानों पर बोझ कम करने के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सब्सिडी के लिए 41000 करोड़ रुपए के अतिरिक्त आवंटन को मंजूरी दे दी है।

किसान ID आधारित नई प्रणाली विकसित कर रही सरकार

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने खाद के गलत इस्तेमाल पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि सब्सिडी वाली खाद अक्सर औद्योगिक या गैर-कृषि उद्देश्यों के लिए डायवर्ट हो जाती है। इस समस्या से निपटने के लिए केंद्र सरकार किसान ID आधारित नई प्रणाली विकसित कर रही है। इसमें हर किसान की जमीन की जानकारी, फसल का विवरण और परिवार की पूरी डिटेल को एक ही ID से जोड़ा जाएगा।

शिवराज सिंह ने कहा कि किसान ID आधारित नई प्रणाली से खाद की वास्तविक जरूरत तय हो सकेगी और असली किसानों को पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी। मंत्री ने बताया कि इस व्यवस्था से जमाखोरी, कालाबाजारी और जरूरत से ज्यादा खरीद पर भी अंकुश लगेगा। अब तक कुल 13 करोड़ किसानों में से 9.29 करोड़ किसान ID बन चुकी हैं। सरकार का लक्ष्य शेष किसानों को भी जल्द ही इस प्रणाली से जोड़ने का है।

ये भी पढ़ें

‘महिलाएं बदल रहीं सत्ता की स्क्रिप्ट’, असम, केरल और पुद्दुचेरी में बदलेगी कुर्सी?

Also Read
View All