
lबोरवेल में गिरकर 3 साल के बच्चे की मौत (Photo- ANI)
मध्यप्रदेश में उज्जैन जिले के झालरिया गांव में गुरुवार को 3 वर्षीय भागीरथ देवासी 200 फीट गहरे खुले बोरवेल में गिर गया था। भागीरथ करीब 70 फीट की गहराई पर जाकर फंस गया था। मासूम को बचाने के लिए करीब 23 घंटे तक रेस्क्यू अभियान चलाया गया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। लोहे की छड़ों, रस्सियों और बोरवेल की मोटर निकालने वाली मशीन की मदद से बच्चे को बाहर निकालने का प्रयास किया गया। शुक्रवार शाम 6.28 बजे रेस्क्यू टीम ने भागीरथ को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
भागीरथ का परिवार खेत में भेंड़ चरा रहा था। इस दौरान भागीरथ वहीं खेल रहा था। खेलते-खेलते भागीरथ देवासी ने बोरवेल पर रखे ढक्कन को हटा दिया। बच्चा 200 फीट गहरे बोरवेल में पैर डालकर खेलने लगा, तभी वह अंदर गिर गया और लगभग 70 फीट की गहराई पर फंस गया। बच्चे की चीख सुनकर उसकी मां दौड़कर आई तो उसे घटना की जानकारी हुई। बच्चे की मां ने मदद के लिए पुकार लगाई तो स्थानीय लोग मौके पहुंचे। स्थानीय लोगों ने बच्चे को निकालने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हुए।
बोरवेल में बच्चे के गिरने की सूचना पर स्थानीय प्रशासन, पुलिस और रेस्क्यू टीमें मौके पर पहुंच गईं। भोपाल, हरदा, इंदौर और उज्जैन से SDERF, NDRF तथा होमगार्ड की 65 से अधिक जवानों की टीमों ने तुरंत बचाव अभियान शुरू कर दिया। 5 पोकलेन मशीनों, लोहे की छड़ों, रस्सियों और बोरवेल मोटर निकालने वाली मशीनों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया।
रेस्क्यू के दौरान बच्चे तक ऑक्सीजन पहुंचाने का भी प्रयास किया गया। खुदाई के बीच-बीच में रुक-रुककर रॉड और रस्सी के सहारे बच्चे को निकालने की कोशिश की गई, लेकिन चट्टानों और संकरी जगह के कारण कार्य में दिक्कतें आईं। काफी प्रयास के बाद भी बच्चे को बचाया नहीं जा सका।
CMHO डॉ. अशोक पटेल ने बताया कि बच्चे के गड्ढे में निकलने से पहले उसकी मौत हो चुकी थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पुष्टि हुई है बच्चे की पानी में डूबने के कारण मौत हुई है। बच्चा बोरिंग में फंसा हुआ था, उसके शरीर पर रगड़ के निशान मिले हैं। शव को परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है।
भागीरथ देवासी का परिवार राजस्थान के पाली जिले का निवासी है, जो भेड़ चराने के लिए इस क्षेत्र में आया हुआ था। घटना के बाद कलक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। परिवार के सदस्य प्रतापराम ने कहा कि हम घुमंतू चरवाहा हैं। हम लोग देवासी और रेबारी समाज से आते हैं।
प्रतापराम ने बताया कि उनका परिवार और उनके साथ आए अन्य लोग पाली जिले के गांव हिरनखुरी, गुडनला गांव का रहने वाले हैं। राजस्थान से 4 परिवार के 13 सदस्य पिछले 8 महीने से पहले 600 भेड़ और 7 ऊंट और खाने-पीने का सामान लेकर निकले थे। वे 3 महीने से झलारिया गांव में सरपंच के एक खाली प्लॉट पर रह रहे थे।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बच्चे की मौत की घटना पर दुख जताया है। उन्होंने X पर लिखा- घटना अत्यंत दुखद है। घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, SDERF और NDRF की टीमों ने तुरंत बचाव अभियान शुरू किया, लेकिन दुर्भाग्यवश बच्चे को बचाया नहीं जा सका। मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिवार के साथ हैं। सरकार की ओर से परिजनों को ₹4 लाख की आर्थिक सहायता राशि प्रदान की जा रही है।
Published on:
11 Apr 2026 02:34 am
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