India-Iran Relations: ईरान के भारत में राजदूत मोहम्मद फतहाली ने नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि हम भारतीय सरकार के साथ अच्छे संबंध रखते हैं। भारतीय जहाजों के लिए हम अच्छी तैयारी चाहते हैं।
Indian Ships: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर घेराबंदी का ऐलान कर एक बार फिर से युद्ध की आग में घी डालने का नाम किया है। इसी बीच, ईरान के भारत में राजदूत मोहम्मद फतहाली ने होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ते तनाव के बीच भारत को विश्वसनीय और सहानुभूतिपूर्ण साझेदार बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय जहाजों के लिए विशेष तैयारी की जाएगी और सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित किया जाएगा।
राजदूत फतहाली ने नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि हम भारतीय सरकार के साथ अच्छे संबंध रखते हैं। भारतीय जहाजों के लिए हम अच्छी तैयारी चाहते हैं। उन्होंने ईरान के विदेश मंत्री के हवाले से भारत को पांच दोस्त देशों में शामिल बताया। फतहाली ने भारत के लोगों और सरकार का आभार जताया कि मुश्किल समय में उन्होंने विश्वसनीय साथी साबित होने का परिचय दिया। उन्होंने आगे कहा कि मैं सभी भारतीय लोगों को धन्यवाद देना चाहता हूं। वे सच्चे विश्वसनीय और दयालु साझेदार हैं। भारत सरकार का भी शुक्रिया जो इस कठिन समय में जरूरी व्यवस्थाएं करने में मदद कर रही है।
राजदूत ने होर्मुज स्ट्रेट को ईरान के क्षेत्रीय जल बताते हुए कहा कि यह ईरान का प्रादेशिक जल है। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका और इजराइल ने युद्धविराम के बावजूद हमले किए। फतहाली ने कहा कि 12 दिनों के युद्ध में ईरान बातचीत की मेज पर था, लेकिन जियोनिस्ट रिजीम और अमेरिका ने हमला शुरू किया। उन्होंने अमेरिका पर विश्वासघात का आरोप लगाते हुए कहा कि ईरान के पास अमेरिका की कई बार प्रतिबद्धताओं को तोड़ने का अनुभव है।
इस बीच, भारतीय झंडे वाला एलपीजी टैंकर 'जग विक्रम' होर्मुज से सफलतापूर्वक गुजरकर ओमान की खाड़ी पहुंच गया है। यह युद्धविराम के बाद पहला भारतीय जहाज है जो इस रास्ते से निकला। संघीय शिपिंग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने एक्स पर इसकी पुष्टि की। 'जग विक्रम' के अलावा आठ अन्य भारतीय जहाज- एमटी शिवालिक, एमटी नंदा देवी, पाइन गैस, जग वसंत आदि- भी सुरक्षित निकल चुके हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज में जहाजों पर ब्लॉकेड की घोषणा कर दी है। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान को टोल देने वाले जहाजों को सुरक्षित मार्ग नहीं मिलेगा। इस घोषणा से वैश्विक ऊर्जा मार्ग पर नया संकट गहरा गया है। भारत ने ईरान के साथ सीधा कूटनीतिक संपर्क बनाए रखा है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पहले कहा था कि भारतीय जहाजों के लिए कोई 'ब्लैंकेट अरेंजमेंट' नहीं है, लेकिन द्विपक्षीय संबंधों के आधार पर सुविधा मिल रही है।