13 अप्रैल 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

ईरान पर नाकेबंदी की तैयारी के बीच ट्रंप को बड़ा झटका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया ने छोड़ा अमेरिका का साथ

Hormuz Strait: अमेरिका और ईरान में जारी संघर्ष खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। दोनों देशों के बीच पाकिस्तान में 21 घंटे तक बातचीत चली, लेकिन किसी नतीजे पर नहीं पहुंची। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को घेरने की धमकी देकर तनाव को बढ़ा दिया है। ट्रंप ने कहा कि […]

2 min read
Google source verification
US President Donald Trump

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Photo- IANS)

Hormuz Strait: अमेरिका और ईरान में जारी संघर्ष खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। दोनों देशों के बीच पाकिस्तान में 21 घंटे तक बातचीत चली, लेकिन किसी नतीजे पर नहीं पहुंची। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को घेरने की धमकी देकर तनाव को बढ़ा दिया है। ट्रंप ने कहा कि बड़ी सामुद्रिक नौसैनिक नाकेबंदी के लिए तैयार है। अमेरिकी सेना आज भारतीय समयानुसार शाम 7.30 बजे से ईरानी बंदरगाहों में आने-जाने वाले सभी जहाजों की नाकेबंदी करने जा रही है। इसी बीच अमेरिका के दो मित्र राष्ट्र ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया ने बड़ा झटका दिया है। दोनों देशों को कहना है कि यह युद्ध उनका नहीं, वे इससे दूर रहेंगे।

यह हमारा युद्ध नहीं है और हम इसमें नहीं फंसेंगे: ब्रिटिश पीएम

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने मीडिल ईस्ट तनाव पर अपना स्पष्ट रुख रखते हुए कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका के नेतृत्व वाली किसी भी नौसैनिक नाकेबंदी में हमारा देश शामिल नहीं होगा। इसके साथ ही उन्होंने ट्रंप से कहा ​है कि ब्रिटेन को ईरान के साथ लड़ाई में शामिल नहीं किया जाए। कीर स्टार्मर ने आगे कहा कि हम होर्मुज स्ट्रेट को जहाजों के लिए पूरी तरह खुला रखने के पक्ष में है। इसके बंद होने की वजह से दुनिया भर में ऊर्जा संकट पैदा हो सकता है। अगर ऐसा होता है तो लोगों के लिए बिजली-गैस के बिल बढ़ रहे हैं। इसलिए उन्होंने कहा कि यह युद्ध हमारा नही है और हमको इसमें नहीं घसीटे।

ऑस्ट्रेलिया ने छोड़ा अमेरिका का साथ

ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने भी इस युद्ध को किनारा कर लिया है। एंथनी ने कहा कि हम अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून का सम्मान करते है। वे नहीं चाहते है कि होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी की जाए। तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फिदान ने कहा कि जल्द होर्मुज स्ट्रेट को लेकर स्थाई समाधान निकालना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने सुझाव दिया है​ कि अमेरिका और ईरान के बीच आगे की बातचीत जारी रखने के लिए मौजूदा युद्धविराम को 45 से 60 दिनों बढ़ा दिया जाए।

अमेरिकी सेना की पूरी तैया​री

अमेरिकी सेना के सेट्रंल कमांड (CENTCOM) का कहना है कि बिना किसी भेदभाव के होर्मुज स्ट्रेट पर सभी देशों के जहाजों के लिए नाकाबंदी की जाएगी। उन्होंने कहा कि जो जहाज गैर-ईरानी बंदरगाहों के बीच यात्रा कर रहे हैं, उन्हें अभी भी होर्मुज़ रास्ते से गुजरने की अनुमति होगी।