ईद के दिन जेरुसलम में तनाव और डर का माहौल रहा। अल-अक्सा मस्जिद के पास मिसाइल गिरने के बाद सुरक्षा कारणों से गेट बंद कर दिए गए और सैकड़ों लोग बाहर नमाज पढ़ने को मजबूर हुए, जिससे हालात संवेदनशील बन गए।
Iran-Israel war: ईद का दिन आमतौर पर खुशियों, दुआओं और एकजुटता का होता है। लेकिन इस बार जेरुसलम में माहौल बिल्कुल अलग था। इस बार सैकड़ों मुसलमान अल-अक्सा मस्जिद के अंदर जाकर नमाज तक नहीं पढ़ पाए। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ईद के मौके पर ईरान की एक मिसाइल जेरुसलम में आकर गिरी, और वह भी अल-अक्सा मस्जिद से कुछ ही दूरी पर। इस घटना ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। जहां आमतौर पर इस दिन हजारों लोग नमाज के लिए इकट्ठा होते हैं, वहीं इस बार मस्जिद के गेट बंद रहे और लोग बाहर ही नमाज पढ़ने को मजबूर हो गए।
इस घटना पर इजरायल की तरफ से कहा गया कि मिसाइल का असर टेंपल माउंट के पास महसूस किया गया। यह वही इलाका है जो दुनिया के तीन बड़े धर्मों इस्लाम, ईसाई और यहूदी के लिए बेहद पवित्र माना जाता है। ऐसे में इस तरह की घटना ने धार्मिक संवेदनाओं को भी झकझोर दिया है। इजरायली विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया पर इस हमले को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे ईरान के ‘धार्मिक शासन’ का असली चेहरा बताया। वहीं, इजरायली सेना का कहना है कि यह हमला बिना किसी भेदभाव के किया गया, जिसमें नागरिक इलाकों और धार्मिक स्थलों की भी परवाह नहीं की गई।
दूसरी तरफ, आम लोगों की पीड़ा इस पूरी घटना में साफ दिखाई दी। पुराने शहर के बाहर जमा हुए सैकड़ों लोग सिर्फ यही चाहते थे कि वे अपने पवित्र स्थल में जाकर नमाज अदा कर सकें। लेकिन सुरक्षा कारणों से रास्ते बंद कर दिए गए थे। इसके साथ ही सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए न सिर्फ अल-अक्सा मस्जिद, बल्कि चर्च ऑफ होली सेपल्चर और वेस्टर्न वॉल जैसे अन्य पवित्र स्थलों को भी बंद कर दिया गया है। पिछले लगभग 60 सालों में ऐसा पहली बार हुआ है जब रमजान के आखिरी दिनों और ईद के मौके पर अल-अक्सा मस्जिद को पूरी तरह बंद रखा गया।
इस बीच शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान के बीच फोन पर बातचीत हुई। इस दौरान दोनों नेताओं ने एक-दूसरे को ईद और नवरोज की शुभकामनाएं दीं और मौजूदा हालात पर भी चर्चा की। प्रधानमंत्री मोदी ने क्षेत्र में अहम बुनियादी ढांचे को निशाना बनाए जाने की घटनाओं पर चिंता जताई और ऐसे हमलों की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं हालात को और बिगाड़ सकती हैं।