Iran- Israel War: ईरान पर संकट गहराता जा रहा है। ट्रंप ने दी बिजली घर और पुल उड़ाने की आखिरी चेतावनी। इजरायल ने मार गिराए ईरान के बड़े सैन्य अफसर। क्या कल रात थम जाएगी ईरान की रफ्तार !
Iran-Israel War: ईरान और इजरायल के बीच छिड़ी जंग अब बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गई है। हालात इतने खराब हैं कि अब सीधे आम लोगों की सुविधाओं को निशाना बनाया जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को खुली चेतावनी दी है कि अगर बात नहीं मानी, तो ईरान के बिजली घर और पुल मलबे में बदल दिए जाएंगे। वहीं, इजरायल ने ईरान के भीतर घुसकर उसके बड़े फौजी अफसरों को मारना शुरू कर दिया है। ईरान में इंटरनेट ठप है और लोग दाने-दाने और बिजली-पानी के लिए तरसने वाले हैं।
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को मंगलवार रात तक का समय दिया है। ट्रंप का कहना है कि अगर ईरान ने उनकी शर्तें नहीं मानी और समुद्री रास्ता नहीं खोला, तो अमेरिका ईरान के हर बड़े पुल और बिजली घर को बमों से उड़ा देगा। ट्रंप ने यहां तक कह दिया कि पूरा देश एक ही रात में खत्म किया जा सकता है और वो रात 'कल की रात' हो सकती है। उन्होंने साफ कहा कि ईरान के लोग खुद आजादी चाहते हैं और इसके लिए वे तकलीफ सहने को तैयार हैं।
एक तरफ अमेरिका धमकी दे रहा है , तो दूसरी तरफ इजरायल हमले कर रहा है। इजरायल ने ईरान के सबसे बड़े गैस फील्ड पर हमला किया है, जिससे ईरान की कमाई का जरिया ही खत्म हो जाए। इतना ही नहीं, इजरायली सेना ने ईरान के खुफिया विभाग के चीफ और कई बड़े कमांडरों को मार गिराया है। इजरायल का कहना है कि वह एक-एक करके ईरान के सभी बड़े नेताओं को खत्म कर देगा। तेहरान के तीन हवाई अड्डों पर भी भारी बमबारी की गई है, जिससे ईरान की वायु सेना को बड़ा नुकसान हुआ है।
ईरान की सरकार ने पिछले कई हफ्तों से पूरे देश में इंटरनेट बंद कर रखा है। लोग डरे हुए हैं क्योंकि उन्हें पता ही नहीं चल पा रहा है कि अगला हमला कहां होगा। इजरायल ने रेडियो और सैटेलाइट के जरिए लोगों को चेतावनी दी है कि वे ट्रेनों और स्टेशनों से दूर रहें, क्योंकि अब रेलवे को निशाना बनाया जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक तेहरान रात भर बमों और ड्रोनों की आवाजें आती रहती हैं। लोग इतने डरे हुए हैं कि सोने के लिए नींद की गोलियां ले रहे हैं।
संयुक्त राष्ट्र (UN) और दुनिया के कई देश इस हमले का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि बिजली घरों और पुलों को उड़ाना कानूनन गलत है क्योंकि इससे आम जनता मरती है। कई देश समझौता कराने की कोशिश में जुटे हैं, लेकिन ट्रंप और इजरायल रुकने को तैयार नहीं हैं। ईरान की हालत अब 'करो या मरो' वाली हो गई है। अगर कल रात तक कोई समझौता नहीं हुआ, तो मिडिल ईस्ट में हालात बेहद गंभीर और खतरनाक हो सकते हैं।