
रूस की ओरेश्निक मिसाइल और भारत की अग्नि-5 मिसाइल (AI PHOTO)
Russia Oreshnik Missile vs Agni-5: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में हाल ही में एक ऐसी खबर आई जिसने पूरी दुनिया के होश उड़ा दिए। रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर अपनी सबसे खतरनाक ओरेश्निक मिसाइल (Oreshnik Missile) दाग दी। यह हमला इतना भीषण था कि यूक्रेन का कोई भी एयर डिफेंस सिस्टम इसे रोक नहीं पाया। लेकिन रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस विनाशकारी हथियार के सामने भारत के पास एक ऐसा ब्रह्मास्त्र है, जो रूस की इस मिसाइल से भी दोगुने से ज्यादा खतरनाक है। हम बात कर रहे हैं भारत की अग्नि-5 (Agni-5) मिसाइल की।
रूस ने यह कदम तब उठाया जब मॉस्को में एक यूक्रेनी ड्रोन हमले में 18 रूसी छात्र मारे गए थे। रूस ने ठीक दो दिन बाद इसका बदला कीव पर ओरेश्निक मिसाइल दाग कर लिया। यह एक इंटरमीडिएट-रेंज बैलिस्टिक मिसाइल (IRBM) है, जो मैक 10 यानी आवाज की रफ्तार से 10 गुना तेजी से उड़ती है।
इसकी रफ्तार 12,300 किलोमीटर प्रति घंटा या 3.4 किलोमीटर प्रति सेकंड है। इसे ऐसे समझिए कि इस रफ्तार से दिल्ली से चंडीगढ़ की दूरी सिर्फ एक मिनट में और मुंबई से पुणे की हवाई दूरी केवल आधे मिनट में तय की जा सकती है।
इस मिसाइल को जो चीज सबसे ज्यादा खतरनाक बनाती है, वो है इसकी एमआईआरवी (MIRV) क्षमता। इसका मतलब है कि एक ही मिसाइल अपने साथ कई परमाणु या पारंपरिक हथियार (Warheads) ले जा सकती है। ये सभी हथियार हवा में अलग-अलग होकर एक ही समय पर कई अलग-अलग ठिकानों को पूरी तरह तबाह कर सकते हैं।
हाल ही में पश्चिम एशिया में ईरान के मिसाइल हमलों ने दुनिया को दिखा दिया है कि आज के आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम के लिए भी ऐसी मिसाइलों को रोकना कितना मुश्किल है। हालांकि, अमेरिकी थाड (THAAD) और इजराइल के 'डेविड्स स्लिंग' या 'एरो 2' सिस्टम ने कुछ ईरानी मिसाइलों को मार गिराया था, लेकिन जब एक मिसाइल हवा में कई छोटे-छोटे हिस्सों में बंट जाती है, तो दुनिया का कोई भी डिफेंस सिस्टम घुटने टेक देता है। इतनी तेज रफ्तार के कारण दुश्मनों को संभलने का मौका तक नहीं मिलता।
अब बात करते हैं भारत के उस महाहथियार की जिसके आगे रूस की ओरेश्निक मिसाइल भी फीकी पड़ जाती है। भारत के पास अग्नि-5 मिसाइल है, जो जरूरत पड़ने पर इससे भी कहीं ज्यादा तबाही मचा सकती है। जहां रूस की मिसाइल मैक 10 की स्पीड से चलती है, वहीं भारत की अग्नि-5 मैक 24 की अविश्वसनीय रफ्तार से दुश्मन पर झपटती है।
इसका मतलब है कि यह मिसाइल लगभग 30,000 किलोमीटर प्रति घंटा या 8 किलोमीटर प्रति सेकंड की स्पीड से चलती है। इसकी मारक क्षमता 5,500 किलोमीटर है, जिससे पूरा चीन, लगभग पूरा यूरोप और अफ्रीका इसके दायरे में आ जाता है।
अग्नि-5 को इस तरह डिजाइन किया गया है कि दुश्मन का रडार इसे पकड़ ही न पाए। यह कम ऊंचाई पर उड़ान भरकर दुश्मन के रिएक्शन टाइम को खत्म कर देती है। साथ ही, रास्ते में अपनी दिशा बदलने की क्षमता के कारण इसे इंटरसेप्ट करना नामुमकिन है। यह तीन चरणों वाली, ठोस ईंधन से चलने वाली मिसाइल है, जिसे एक खास कनस्तर (Canister) में बंद करके सड़कों के जरिए कहीं भी ले जाया जा सकता है और तुरंत फायर किया जा सकता है।
यह मिसाइल भारत के स्वदेशी नाविक (NAVIC) सिस्टम और रिंग लेजर जाइरोस्कोप तकनीक से लैस है। इसके आधुनिक मटीरियल 4,000 डिग्री सेल्सियस तक का तापमान सह सकते हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि रिपोर्ट्स के मुताबिक, अग्नि-5 अपने साथ एक बार में 10 वॉरहेड ले जा सकती है, जो रूस की ओरेश्निक मिसाइल की क्षमता से कहीं ज्यादा है।
Published on:
25 May 2026 06:01 pm
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