
Rahul Gandhi: भारत में इमरजेंसी लगने की आशंका जताने वाले अपने विवादित बयान पर झारखंड के मंत्री इरफान अंसारी ने सफाई दी है। उनका कहना है कि उनके बयान को तोड़ मरोड़ कर पेश किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि उनकी मांग सिर्फ यह है कि मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को पद से हटाया जाए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी अपील की कि ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने के बाद देश में शांति आ जाएगी।
अपने पुराने बयान पर सफाई देते हुए उन्होंने बांग्लादेश और नेपाल में हुए आंदोलनों का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि इन दोनों देशों के युवाओं ने पहले अपनी सरकार चुनी, लेकिन जब सरकार ने युवाओं की बात नहीं सुनी और पूरी तरह से अनदेखी की गई तो सरकार को झुकना पड़ा।
आगे उन्होंने कहा कि इन हालातों को देखते हुए लगता है कि भारत में भी इमरजेंसी लग सकती है। उन्होंने कहा कि सरकार जब लोगों से उनके अधिकार छीन लेगी, तो उनके पास और क्या विकल्प बचेगा? वे सड़कों पर उतर आएंगे।
साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी ऐसा नहीं होने देंगे। उनके मुताबिक, राहुल गांधी जनता को शांत रखेंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से अपनी अपील फिर से दोहराई कि ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटा दिया जाए। मंत्री ने कहा कि उन्होंने अपनी बात में यही मांग रखी थी, लेकिन उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है।
इससे पहले दिए अपने बयान में अंसारी ने दावा किया था कि दिल्ली में उनकी छात्रों और युवाओं से मुलाकात हुई है। उनके मुताबिक, 40 लाख युवा सड़क पर हैं और उन्हें सिर्फ एक आदेश का इंतजार है। अंसारी ने कहा था कि राहुल गांधी ने इन युवाओं को फिलहाल रोक रखा है।
उन्होंने यह भी कहा था कि देश के युवा, किसान, मध्यम वर्ग, दलित और आदिवासी परेशान हैं। अगर प्रधानमंत्री ने उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया तो देश में इमरजेंसी आ सकती है। उन्होंने भारत के हालात बांग्लादेश से भी खराब होने की आशंका जताई थी।
इरफान अंसारी के पहले वाले बयान पर बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने पलटवार किया था। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में आरोप लगाया था कि कांग्रेस देश में अस्थिरता और अराजकता फैलाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने अंसारी के बयान को कांग्रेस की राणनीति का हिस्सा बताया था।