
बीजेपी (Photo: IANS/File)
ओडिशा में बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए तैनात एक आईएएस अधिकारी और बीजेपी विधायक के बीच विवाद काफी बढ़ गया है। गंजाम जिले के असिका से बीजेपी विधायक सरोज पाढ़ी पर 2022 बैच के आईएएस अधिकारी समीर कुमार जेना ने बदसलूकी करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। अधिकारी का कहना है कि विधायक ने उनके चैंबर में घुसकर न सिर्फ चिल्लाया, बल्कि उनके साथ गाली-गलौज भी की।
द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले में आईएएस अधिकारी ने गुरुवार को पुलिस में शिकायत दी है। उन्होंने अपनी शिकायत में लिखा है कि इस घटना से वह काफी निराश हैं और गहरे मानसिक सदमे से गुजर रहे हैं। दूसरी तरफ विधायक ने पूरे मामले को गलतफहमी बताते हुए सुलझा हुआ करार दिया है।
समीर कुमार जेना फिलहाल गंजाम जिला परिषद में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) और कार्यकारी अधिकारी के पद पर तैनात हैं। बाढ़ के बाद राहत और पुनर्वास के काम की निगरानी के लिए उन्हें असिका इलाके की जिम्मेदारी दी गई थी।
शिकायत के मुताबिक, मंगलवार को बीजेपी विधायक सरोज पाढ़ी उनके चैंबर में पहुंचे। वहां राहत सामग्री के वितरण को लेकर उन्होंने अधिकारी पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। विधायक ने कथित तौर पर इस बात पर नाराजगी जताई कि राहत सामग्री किस तरह बांटी जा रही है।
जेना ने अपनी शिकायत में बताया कि उन्होंने विधायक को समझाने की कोशिश की कि राहत सामग्री मंत्री बिभूति जेना की ओर से उपलब्ध कराई गई थी और निर्देशों के मुताबिक जरूरतमंदों तक पहुंचाई गई थी।
आईएएस अधिकारी का आरोप है कि उन्होंने विधायक से कहा कि इस मामले में मंत्री से बात कर समस्या का समाधान निकाला जा सकता है। लेकिन विधायक उनकी बात सुनने को तैयार नहीं हुए।
शिकायत में जेना ने आरोप लगाया कि विधायक लगातार चिल्लाते रहे और उनके खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया। अधिकारी के मुताबिक, जब उन्होंने अपनी सरकारी जिम्मेदारी और भूमिका समझाने की कोशिश की तो विधायक ने कथित तौर पर उन्हें जान से मारने की धमकी दी।
इतना ही नहीं, विधायक ने उन्हें वहां से चले जाने के लिए भी कहा। अधिकारी ने अपनी शिकायत में दावा किया है कि चैंबर में हुई पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुई है। उन्होंने पुलिस को बताया- इस घटना के बाद मैं बहुत निराश हूं और गहरे मानसिक सदमे में हूं।
उधर, विवाद पर सरोज पाढ़ी ने अपनी सफाई दी है। भुवनेश्वर में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि बाढ़ राहत के काम के दौरान सभी लोग व्यस्त थे और इसी बीच कुछ गलतफहमियां हो गई थीं।
विधायक ने कहा कि उन्होंने आईएएस अधिकारी से बातचीत कर मामला सुलझा लिया है। उन्हें पुलिस शिकायत की जानकारी है, लेकिन अब उनके मन में अधिकारी को लेकर कोई शिकायत नहीं है।
वहीं, गंजाम के एसपी हरीशा बीसी ने कहा कि उन्हें पहले यह पता करना होगा कि अधिकारी की शिकायत औपचारिक रूप से दर्ज हुई है या नहीं। पुलिस ने शिकायत की जांच करने और उसके बाद उचित कार्रवाई का भरोसा दिया है।
Updated on:
5 Nov 2026, 7:45 PM IST
Published on:
5 Nov 2026, 7:44 PM IST
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