
Rath Yatra Dispute: ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा की परंपराओं और आधिकारिक कैलेंडर के साथ कथित छेड़छाड़ को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। पुरी में स्थानीय संगठनों और जगन्नाथ संस्कृति के भक्तों ने ISKCON के उस फैसले का विरोध शुरू कर दिया है, जिसके तहत वे पारंपरिक कार्यक्रम से अलग समय और तारीखों पर यह उत्सव मनाना चाहते हैं। प्रदर्शनकारी बड़ी संख्या में ऐतिहासिक श्री जगन्नाथ मंदिर और शाही महल के पास जमा हुए और इस्कॉन के खिलाफ नारेबाजी और प्रदर्शन किया।
इस विवाद पर जगन्नाथ वर्ल्ड ऑर्गनाइज़ेशन के सदस्य विश्वशांति त्रिपाठी ने कहा कि बार-बार अपील करने के बावजूद ISKCON सनातन धर्म के शास्त्रों और परंपराओं के खिलाफ काम कर रहा है, यह एक शास्त्र विरोशी संस्था है। त्रिपाठी ने कहा कि अब से जगन्नाथ धाम हो, मंदिर परिसर के अंदर हो या ओडिशा में कहीं भी ISKCON के लोग दिखेंगे तो उनका प्रवेश वर्जित किया जाएगा और उनका विरोध होगा।
इस पूरे मामले में स्थानीय निवासी अविलाश बहिनीपति ने कहा कि आज इस्कॉन के खिलाफ विरोध इसलिए हो रहा है क्योंकि इस्कॉन एक धोखेबाज संगठन है। बार-बार विरोध और चेतावनी के बाद भी, यह विदेशों में अपनी मनमानी करता रहता है। यह हमारी संस्कृति और हमारी परंपराओं के खिलाफ है, और यह उनका अपमान भी है। कुछ दिन पहले, श्री गजपति महाराज ने इस्कॉन को एक पत्र लिखकर इसे रोकने के लिए कहा था। लेकिन इस्कॉन ने इसके बजाय कहा कि वह कोई टकराव नहीं चाहता और वह जो चाहेगा करेगा।
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