
Badrinath Temple (Photo: badrinath-kedarnath.gov.in)
Badrinath Donation Theft: उत्तराखंड सरकार ने बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) में पैसों के इस्तेमाल में कथित गड़बड़ी के मामले में सख्त रुख अपनाया है। सरकार ने जांच रिपोर्ट के आधार पर समिति के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) को जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए हैं। जांच में पहली नजर में केदारनाथ में वीआईपी मेहमानों के ठहरने, भोजन और अन्य खर्चों के लिए सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बिना मंदिर कोष से अग्रिम राशि जारी किए जाने की बात सामने आई है।
जांच टीम ने पाया कि समिति के कुछ अधिकारियों ने नियमों को ताक पर रखकर पैसे जारी कर दिए। केदारनाथ में आने वाले खास मेहमानों के लिए होटल बुकिंग, भोजन और अन्य सुविधाओं पर खर्च मंदिर की दान राशि से बिना किसी लिखित अनुमति के किया गया।
आम श्रद्धालु सोचते हैं कि उनका चढ़ावा और दान भगवान की सेवा में लग रहा है, लेकिन यहां कुछ लोगों ने इसे अपनी सुविधा के लिए इस्तेमाल कर लिया।सरकार की इस रिपोर्ट के बाद पूरे उत्तराखंड में चर्चा तेज हो गई है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने साफ कहा है कि किसी भी तरह की लापरवाही या गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्य कार्यकारी अधिकारी अब उन सभी लोगों की पहचान करके उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई करेंगे, जिन्होंने नियम तोड़े।
इसमें सस्पेंशन, पद से हटाना या कानूनी कार्रवाई तक हो सकती है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, यह सिर्फ शुरुआत है। आगे और गहराई से जांच हो सकती है ताकि और कोई गड़बड़ी न निकल आए। मंदिर समिति के खर्चों पर अब और सख्त नजर रखी जाएगी।
बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति चारधाम यात्रा का अहम हिस्सा संभालती है। लाखों श्रद्धालु हर साल यहां आते हैं। इन मंदिरों की देखभाल, यात्रियों की सुविधा और पवित्र स्थानों की सफाई जैसे काम इसी समिति के जिम्मे हैं।
कई सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने इस मामले पर नाराजगी जताई है। उन्होंने मांग की है कि दोषियों पर सख्त से सख्त एक्शन लिया जाए और मंदिर कोष का सारा पैसा सही जगह लगे।
Updated on:
12 Jul 2026 04:21 pm
Published on:
12 Jul 2026 04:01 pm
