राष्ट्रीय

दादा के हत्यारे की पैरोल के लिए बिट्टू ने की गुजारिश, आखिर क्या है वजह? 21 अगस्त को कौमी इंसाफ मोर्चा ने किया पंजाब बंद का ऐलान

Jagtar Singh Hawara parole: पूर्व सीएम बेअंत सिंह के दोषी जगतार सिंह हवारा की पैरोल मांग को लेकर चंडीगढ़ में हिंसक प्रदर्शन, अब 21 अगस्त को पंजाब बंद का ऐलान। जानें पूरा मामला।
2 min read
Aug 16, 2026
Chandigarh Protest
चंडीगढ़ में 'कौमी इंसाफ मोर्चा' के प्रदर्शन पर पुलिस कार्रवाई। (फोटो सोर्स-ANI)

Jagtar Singh Hawara parole controversy: 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर चंडीगढ़ की सड़कों पर सजा पूरी कर चुके सिख बंदियों की रिहाई की मांग को लेकर लोगों ने प्रदर्शन किया। हिंसक भीड़ को काबू करने के लिए चंडीगढ़ पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। प्रदर्शनकारी पूर्व सीएम बेअंत सिंह की हत्या के दोषी जगतार सिंह हवारा को भी पैरोल देने की मांग कर रहे थे।

सीएम मान ने की हवारा को 10 दिन के पैरोल की मांग

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से हवारा को 10 दिन की पैरोल देने की सिफारिश की है। पूर्व केंद्रीय रवनीत सिंह बिट्टू ने भी राज्यपाल से हवारा को पैरोल देने की गुजारिश की है। उन्होंने कहा है कि बीमार मं से मुलाकात के लिए मानवीय पक्ष को ध्यान में रखना जरूरी है। बिट्टू ने कहा कि बेटे के कामों की सजा मां को नहीं मिलनी चाहिए। खास बात यह है कि रवनीत सिंह बिट्टू पूर्व सीएम बेअंत सिंह के पोते हैं।

31 अगस्त 1995 को हुई थी बेअंत सिंह की हत्या

पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री बेअंत सिंह (राजनेता) की हत्या 31 अगस्त 1995 को चंडीगढ़ में पंजाब-हरियाणा सचिवालय के बाहर एक आत्मघाती बम विस्फोट में हुई थी। इस हमले में बेअंत सिंह सहित 17 लोगों की मौत हो गई थी। इस आतंकवादी घटना को बब्बर खालसा इंटरनेशनल के मानव बम दिलावर सिंह ने अंजाम दिया था।

इस मामले में 31 जुलाई 2007 को कोर्ट ने हत्याकांड के मास्टरमाइंड जगतारा सिंह और बलवंत सिंह राजोआना को सजा ए मौत दी गई, जबकि तीन दोषियों गुरमीत, लखविंदर और शमशेर को उम्रकैद की सजा हुई। एक दोषी नसीब सिंह को 10 साल की जेल मिली। फैसले के खिलाफ पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में अपील की गई, जहां जगतारा की सजा उम्र कैद में बदल गई थी।

स्वतंत्रता दिवस पर चंडीगढ़ की सड़कों पर अराजकता का माहौल

मोहाली से चंडीगढ़ स्थित राजभवन की ओर कूच कर रहे प्रदर्शनकारियों ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर अराजकता का माहौल कायम कर दिया। पुलिस ने भीड़ को ट्रैक्टर से बैरिकेड और कंटीले तार से हटाने की कोशिश की। पुलिस ने भीड़ को काबू करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और पानी की बौछारें कीं। इस मामले में पुलिस ने ने शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) के अध्यक्ष सिमरनजीत सिंह मान को हिरासत में ले लिया है।

उधर, कौमी इंसाफ मोर्चा ने 21 अगस्त को पंजाब बंद का ऐलान किया है। संगरुर से सांसद और शिरोमणि अकाली दल (वारिस पंजाब दे) और कई सिख संस्थानों ने बंद को समर्थन दिया है। इधर, 15 अगस्त को प्रदर्शन से एक दिन पहले जेल में बंद जगतार सिंह हवारा का वीडियो संदेश भी सामने आया था। हवारा ने प्रदर्शन को शांतिपूर्ण रखने की अपील करते हुए शरारती तत्वों से सावधान रहने को कहा था।

Updated on:
16 Aug 2026 09:43 am
Published on:
16 Aug 2026 09:39 am