जहांगीर पुरी हिंसा: जहांगीरपुरी हिंसा के बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई जिसके बाद कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल उन परिवारो से मिलने पहुंच गया जिनके घर गिराए गए हैं। हालांकि कांग्रेस के नेताओं को डिमॉलिशन साइट पर जाने की अनुमति नहीं मिली। इसके बाद अजय माकन ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए बोले इसे धर्म के चश्‍मे से न देखें। गरीब के पेट में लात मारी गई है।
जहांगीरपुरी हिंसा: जहांगीरपुरी हिंसा के बाद अतिक्रमण हटाने पर अब सियासत गर्म हो गई है। इस मामले में विपक्षी पार्टी बीजेपी पर हमला कर रही है। कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल उन परिवारो से मिलने पहुंच था जिनके इस कार्रवाही में घर गिराए गए थे, लेकिन उन्हे पहले ही रोक लिया गया। कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल को वहां जाने नहीं दिया।
इसके बाद अजय माकन ने कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए बीजेपी पर जमके निशाना साधा। अजय माकन ने कहा कि ऐसा लगता ही नहीं है कि देश में कानून का राज है। कानून ये इजाज़त नहीं देता कि बिना नोटिस दिए किसी के घर को गिराया जाए। मेरे पास कोर्ट का 2019 का भी आदेश है जिसमें कहा गया है कि किसी को बिना नोटिस दिए उसका घर नहीं गिराया जा सकता है तो फिर कल यहां ऐसा क्यों हुआ?
अजय माकन ने आगे कहा कि मैं आप सबसे कहना चाहता हूं कि कृपया इस प्रक्रिया को धर्म के चश्मे से ना देखें। ये सिर्फ गरीब के पेट पर लात मारी गई है। ये इसलिए हुआ है क्योंकि हमारे देश में बेरोज़गारी-महंगाई से सबसे ज्यादा पीड़ित गरीब हैं,उनका ध्यान भटकाने और उन्हें धर्म के नाम पर बांटने की कोशिश हुई है।
सोनिया गांधी को सौंपेंगे रिपोर्ट
पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ आए इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि हम प्रभावित परिवारों से मिलेंगे। इसके बाद हम सोनिया गांधी को एक रिपोर्ट सौंपेंगे।