
Aadhaar vs Voter ID: कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने गुरुवार को केंद्र सरकार से उस प्रस्ताव पर सवाल पूछा है, जिसमें सामाजिक कल्याण योजनाओं के लाभार्थियों की पहचान के लिए आधार की जगह वोटर आईडी का इस्तेमाल करने की बात कही गई है। उन्होंने स्पष्टीकरण मांगा है कि क्या यह कदम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की आधिकारिक नीति है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक पोस्ट में, रमेश ने कहा कि केंद्रीय पंचायती राज मंत्री ने पिछले कुछ दिनों में दो बार यह कहा है कि सामाजिक कल्याण योजनाओं के लाभार्थियों की पहचान के लिए आधार की जगह वोटर आईडी का इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने सवाल किया कि क्या सरकार ने आधिकारिक तौर पर इस प्रस्ताव को अपनी नीति के रूप में अपना लिया है।
रमेश ने इस प्रस्तावित बदलाव के नतीजों पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर लाभार्थियों की पहचान के लिए आधार की जगह वोटर आईडी का इस्तेमाल किया जाता है, तो इसका मतलब यह होगा कि आधार का इस्तेमाल अब उस मुख्य उद्देश्य के लिए नहीं होगा, जिसके लिए इसे बनाया गया था। उन्होंने आगे लिखा, "अगर ऐसा होता है, तो इसका मतलब यह है कि आधार का इस्तेमाल उस मुख्य उद्देश्य के लिए नहीं किया जाएगा, जिसके लिए इसे सोचा और बनाया गया था।"
कांग्रेस नेता ने सामाजिक कल्याण और सुरक्षा योजनाओं के वितरण में आधार के इस्तेमाल पर भी चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके लागू होने की वजह से लाखों लोगों को मिलने वाले लाभों से वंचित कर दिया गया है।
मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) का जिक्र करते हुए, रमेश ने चिंता जताई कि अगर लाभार्थियों की पहचान के लिए SIR को आधार बनाया जाता है, तो कल्याणकारी कार्यक्रमों से और भी बड़ी संख्या में लोग बाहर हो सकते हैं।
उन्होंने लिखा, "यह जायज चिंता है कि जिस तरह से आधार का इस्तेमाल किया गया है, उससे लाखों लोग सामाजिक कल्याण और सुरक्षा योजनाओं के लाभ से वंचित रह गए हैं। अगर SIR को आधार बनाया जाता है, तो बहुत बड़े पैमाने पर और भी लोग इन योजनाओं से बाहर हो जाएंगे।"
अपनी आलोचना को आगे बढ़ाते हुए, रमेश ने इस मुद्दे को कांग्रेस पार्टी द्वारा चुनावी प्रक्रियाओं और नागरिकों के अधिकारों को लेकर लगाए गए आरोपों से जोड़ा। उन्होंने इसे 'वोट चोरी' का नाम दिया, जिसका मतलब उनके अनुसार लोगों को उनके हक से वंचित करना है।
कांग्रेस नेता ने अपनी पोस्ट में कहा, "'वोट चोरी' तो बस एक ट्रेलर है। पूरी तस्वीर तो 'हक-हुकूक चोरी' (अधिकारों और हक की चोरी) है।"