Iran-Isreal War में पाकिस्तान के मध्यस्थता रोल निभाने पर पीएम मोदी पर जयराम रमेश ने निशाना साधा है। पढ़ें पूरी खबर...
Iran-Israel conflict : कांग्रेस के नेता व राज्यसभा सांसद जयराम रमेश ने ईरान-इजरायल युद्ध में पाकिस्तान द्वारा मध्यस्थता किए जाने पर भारत की विदेश नीति पर सवाल उठाए हैं। जयराम रमेश ने कहा कि पाकिस्तान एक ऐसा देश है, जहां लोकतंत्र मजाक बनकर रह गया है। वह एक ऐसा देश है, जो IMF, चीन और सऊदी अरब जैसे कुछ अन्य दाताओं से मिली जीवनरेखा पर निर्भर है।
जयराम रमेश ने आगे कहा कि पाकिस्तान ऐसा देश है, जो दशकों से आतंकवादियों के पनाहगाह के रूप में जाना जाता रहा है, जो न केवल अपने पड़ोसियों पर बल्कि दुनिया के विभिन्न हिस्सों में हमले करते हैं, बल्कि दुनिया के अन्य हिस्सों में भी हमले करते हैं। जिस देश के खिलाफ राष्ट्रपति क्लिंटन, बुश, ओबामा और बाइडेन ने बहुत सख्ती से व्यवहार किया। उसे आज वैश्विक स्तर पर एक नई स्वीकृति मिल गई है।
उन्होंने आगे कहा कि निस्संदेह, राष्ट्रपति ट्रंप जो पीएम मोदी अच्छे मित्र है, उन्होंने पाकिस्तान की वर्तमान स्वीकार्यता बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाई है, लेकिन मोदी ने ऐसा कैसे होने दिया। जबकि वे सितंबर 2019 में ह्यूस्टन के हावडी मोदी और फरवरी 2020 में अहमदाबाद के नमस्ते कार्यक्रम के जरिए व्हाइट हाउस से अपने खास रिश्तों का बखान करते रहे हैं?
कांग्रेस नेता ने कहा कि पीएम मोदी ने अमेरिका को खुश करने के लिए कई तरीके अपनाए। यहां तक की जिस ट्रेड डील ने भारतीय किसानों की हकमारी की, भारतीय बाजार में अमेरिकी उत्पादों को अभूतपूर्व पहुंच प्रदान की। वह भी उन्हें अमेरिका से कोई कूटनीतिक लाभ नहीं दिला सका।
जयराम रमेश ने कटाक्ष करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दावा करते हैं कि वे दुनिया भर के नेताओं से लगातार फोन पर बात कर रहे हैं। यह निश्चित रूप से अच्छी बात है कि वे ऐसा कर रहे हैं। लेकिन उनकी अत्यधिक व्यक्तित्व-आधारित विदेश नीति के बिखरने ने स्वयंभू विश्वगुरु की विश्वफोनी के रूप में पोल खोल दी है।