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TMC की अंदरूनी लड़ाई के बीच ममता बनर्जी ने तोड़ी चुप्पी, पार्टी के वफादार नेताओं को दिया संदेश

TMC में जारी विवाद के बीच ममता बनर्जी ने अपनी चुप्पी तोड़ी है और BJP पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। जानिए कोलकाता में अपने संबोधन के दौरान उन्होंने क्या-क्या कहा?
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भारत

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Rahul Yadav

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अनुराग अनिमेष

Jul 04, 2026

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ममता बनर्जी(फोटो-ANI)

Mamata Banerjee: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी ने शनिवार को फेसबुक लाइव के जरिए पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए बागी नेताओं और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने पार्टी छोड़ने वाले नेताओं को 'गद्दार' करार दिया और कहा कि टीएमसी किसी भी दबाव के आगे झुकने वाली नहीं है। साथ ही उन्होंने चुनावी प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए और बीजेपी पर धांधली तथा राजनीतिक दबाव बनाने के आरोप लगाए।

कभी-कभी चुप्पी ही सबसे बड़ा जवाब होती है'

अपने संबोधन की शुरुआत में ममता बनर्जी ने पार्टी के साथ खड़े कार्यकर्ताओं का आभार जताया। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों से पार्टी के प्रवक्ता और सहयोगी लगातार सार्वजनिक बयान दे रहे हैं, लेकिन उन्होंने खुद चुप्पी बनाए रखी। ममता ने कहा कि उनका मानना है कि कई बार चुप रहना ही सबसे प्रभावी जवाब होता है।

चुनावों पर उठाए सवाल

ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि हाल के चुनावों में बीजेपी ने धांधली की। उन्होंने कहा कि वोटों की गिनती वाले केंद्रों पर गड़बड़ी हुई और चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता के मुद्दों पर काम करने के बजाय विरोधियों के खिलाफ माहौल बनाया जा रहा है। उनके मुताबिक, टीएमसी कार्यकर्ताओं पर बेबुनियाद मामले दर्ज कर उन्हें डराने की कोशिश की जा रही है।

'2023 से पार्टी ठीक नहीं थी तो 2026 का चुनाव कैसे लड़ा?'

बागी नेताओं पर निशाना साधते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि कुछ नेता अब यह दावा कर रहे हैं कि पार्टी वर्ष 2023 से ठीक तरीके से काम नहीं कर रही थी। उन्होंने सवाल किया कि अगर ऐसा था तो उन्हीं नेताओं ने 2026 का चुनाव पार्टी के टिकट पर कैसे लड़ा? उन्होंने कहा कि पार्टी के संविधान के अनुसार इस तरह के दावे उचित नहीं हैं।

'टिकट मैंने दिया, फिर दो महीने में गद्दार कैसे बन गए?'

ममता बनर्जी ने कहा कि 2026 के चुनाव में उम्मीदवारों के नामांकन पर उनके हस्ताक्षर थे और पार्टी का चुनाव चिह्न भी उन्होंने ही दिया था। उन्होंने कहा, 'चुनाव खत्म होने के सिर्फ दो महीने बाद ही आप गद्दार कैसे बन गए? इसकी भी कोई सीमा होनी चाहिए।' उन्होंने आरोप लगाया कि जो नेता अब टीएमसी छोड़ रहे हैं, वे बीजेपी के साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं, जबकि टीएमसी की विचारधारा बीजेपी के विरोध पर आधारित है।

'अगर रोकना है तो मुझे मारना होगा'

मुख्यमंत्री ने कहा कि पार्टी का चुनाव चिह्न कहीं नहीं जाएगा और वे किसी भी दबाव के आगे झुकने वाली नहीं हैं। उन्होंने कहा कि यदि कोई उन्हें रोकना चाहता है तो उसे पहले उन्हें खत्म करना होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि उन पर, महुआ, अभिषेक और अन्य नेताओं पर लगातार हमले किए गए हैं। ममता ने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल में राजनीतिक माहौल बदल गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि बच्चों को मिड-डे मील में अंडे तक नहीं मिल रहे हैं और पुलिस का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है।

हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी छोड़ने वाले सभी नेताओं को वह पूरी तरह दोषी नहीं मानतीं, क्योंकि उनके अनुसार उन पर दबाव डाला जा रहा है। लेकिन उन्होंने दोहराया कि वह और उनकी पार्टी बीजेपी के किसी भी दबाव के आगे नहीं झुकेंगे।