
पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रमुख अमरिंदर सिंह राजा वारिंग और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी (सोर्स: आईएएनएस)
Punjab Congress Crisis: पंजाब कांग्रेस में सियासी घमासान तेज हो गया है। अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को फिर से प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने के बाद पार्टी के भीतर विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। शुक्रवार को कई मौजूदा और पूर्व विधायक रूपनगर में पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के आवास पर जुटे और उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने की मांग की। इस घटनाक्रम पर तंज कसते हुए बीजेपी ने कांग्रेस नेतृत्व को चुनौती दी है कि वह पार्टी में खुलेआम बगावत करने वाले नेताओं पर कार्रवाई करके दिखाए।
इस बीच पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने मुख्यमंत्री पद को लेकर अपनी स्थिति साफ कर दी है। उन्होंने कहा कि वह खुद को मुख्यमंत्री पद की दौड़ में नहीं मानते। उनका कहना है कि पार्टी जिसे भी मुख्यमंत्री का चेहरा बनाएगी, वह उसका पूरा समर्थन करेंगे।
राजा वारिंग ने कहा कि चरणजीत सिंह चन्नी भी मुख्यमंत्री का चेहरा हो सकते हैं। अगर पार्टी किसी और नेता को चुनती है, तब भी उन्हें कोई आपत्ति नहीं होगी। उन्होंने कहा कि अंतिम फैसला राहुल गांधी और पार्टी नेतृत्व का होगा।
उन्होंने दोहराया कि उनका लक्ष्य सिर्फ एक है। वह पंजाब में कांग्रेस की सरकार दोबारा बनाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि उनकी पूरी कोशिश पार्टी को मजबूत करने और चुनाव में जीत दिलाने की है। उनके लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता कांग्रेस की जीत और पंजाब की जनता का भरोसा फिर से हासिल करना है।
बीते कल शुक्रवार को पंजाब के मोरिंडा स्थित चन्नी के घर पर नेताओं और समर्थकों की बड़ी बैठक हुई थी। इसमें कई पूर्व मंत्री, विधायक और वरिष्ठ कांग्रेस नेता शामिल हुए थे। नेताओं का कहना है कि अगर कांग्रेस को पंजाब में दोबारा सरकार बनानी है तो संगठन की कमान चन्नी को सौंपनी होगी।
समर्थकों ने कांग्रेस हाईकमान से एक सप्ताह के भीतर फैसला लेने की मांग की है। उनका दावा है कि मौजूदा नेतृत्व में पार्टी चुनाव नहीं जीत पाएगी। हालांकि, चरणजीत सिंह चन्नी ने इस पूरे मामले पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
बैठक में यह भी तय हुआ कि एक प्रतिनिधिमंडल कांग्रेस हाईकमान से मुलाकात करेगा और नेताओं की राय से अवगत कराएगा। पूर्व मंत्री त्रिपत राजिंदर सिंह बाजवा ने कहा कि उनका मकसद पार्टी नेतृत्व का विरोध करना नहीं, बल्कि पंजाब में कांग्रेस को मजबूत करना है।
इसी बीच कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि यह बैठक पहले से तय थी और इसमें पंजाब की बिगड़ती कानून-व्यवस्था व सीमा क्षेत्रों में बढ़ रही गैंगस्टर गतिविधियों का मुद्दा उठाया गया।
वहीं, केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान पर तंज कसते हुए कहा कि राजा वारिंग की टीम अब चन्नी के साथ खड़ी दिखाई दे रही है। दूसरी ओर, सांसद मनीष तिवारी ने भी नए संगठनात्मक बदलावों को लेकर अपनी नाराज़गी सार्वजनिक की।
Updated on:
04 Jul 2026 06:38 pm
Published on:
04 Jul 2026 04:20 pm
