
मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार(फोटो-ANI)
DK Shivakumar SIR Suspension: एसआईआर से जुड़े निलंबन मामले पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने कहा कि सरकार पूरे मामले की दोबारा समीक्षा करेगी। उन्होंने बताया कि उन्हें इस मामले की जानकारी है और इस पर पहले ही ध्यान दिया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उपमुख्यमंत्री भी इसकी समीक्षा करेंगे, जबकि वह खुद भी पूरे घटनाक्रम पर नजर रखेंगे। सरकार और अधिकारियों, दोनों को अपनी-अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।
मुख्यमंत्री ने रविवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि विपक्ष का काम आरोप लगाना है, जबकि सरकार की जिम्मेदारी सभी को न्याय दिलाना है। उन्होंने कहा कि सरकार ने मतदाताओं से अपने मतदान के अधिकार की रक्षा करने की अपील की है और पूरी प्रक्रिया कानून के दायरे में रहकर आगे बढ़ाई जा रही है।
SIR से जुड़े एक अधिकारी के निलंबन के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें इस मामले की जानकारी है और उन्होंने शनिवार को ही इस पर तत्काल संज्ञान लिया था। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की दोबारा समीक्षा कराई जाएगी। अधिकारियों को अपना काम करने दिया जा रहा है, लेकिन यह भी देखा जाएगा कि वास्तविक विवाद क्या है। उन्होंने कहा कि उपमुख्यमंत्री भी इस मामले की समीक्षा करेंगे और वह स्वयं भी इसकी निगरानी रखेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी को समझते हुए सभी को मिलकर अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए।
मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है, जब विपक्ष SIR प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का आरोप लगा रहा है। बीजेपी विधायक जीबी ज्योति गणेश ने आरोप लगाया कि जमीनी स्तर पर भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों का सही तरीके से पालन नहीं किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि कई जगह बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) और सरकारी अधिकारियों द्वारा बड़ी संख्या में लोगों, खासकर अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को मस्जिदों और खुले स्थानों पर एकत्र किया जा रहा है। उनका आरोप है कि यह सब कांग्रेस के निर्देश पर किया जा रहा है।
बीजेपी विधायक ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता बूथ लेवल अधिकारियों पर दबाव डालकर कथित रूप से अयोग्य लोगों के नाम मतदाता सूची में शामिल कराने की कोशिश कर रहे हैं ताकि पार्टी का वोट शेयर बढ़ाया जा सके।
Updated on:
05 Jul 2026 06:09 pm
Published on:
05 Jul 2026 05:09 pm
