
पाकिस्तान में लश्कर-ए-तैयबा का संस्थापक हाफिज मोहम्मद सईद। ( फाइल फोटो:पत्रिका)
India Releases UAPA List of 23 Lashkar and Jaish Terrorists : भारत सरकार ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत जम्मू और कश्मीर स्थित 23 आतंकवारियों को आतंकवादी घोषित किया है। गृह मंत्रालय ने शनिवार को गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत यह सूची जारी की। सूची में अयोध्या में राम जन्मभूमि परिसर की रैकी करने वाले कथित आतंककारी और लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज मोहम्मद सईद के एक करीबी रिश्तेदार का नाम भी शामिल है। इनमें से छह भारतीय नागरिक हैं, जो वर्तमान में पाकिस्तान या जम्मू-कश्मीर में रह रहे हैं। इस कार्रवाई में लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के वरिष्ठ पदाधिकारियों, कमांडरों, भर्तीकर्ताओं, वित्तपोषकों और रसद समन्वयकों के एक नेटवर्क को शामिल किया गया है, जिन पर भारत के खिलाफ घुसपैठ, आतंकी वित्त पोषण और हमलों को सुविधाजनक बनाने का आरोप है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सभी लोगों को शहरी संरक्षण अधिनियम की चौथी अनुसूची में शामिल किया गया है। इनमें सबसे प्रमुख नामों में मोहम्मद मुसद्दिक का नाम शामिल है, जो जैश-ए-मोहम्मद का एक ऑपरेटिव है और डॉक्टर और अब्दुल मन्नान सहित कई उपनामों से जाना जाता है। मंत्रालय के अनुसार, उसने अयोध्या में राम जन्मभूमि परिसर, नागपुर में आरएसएस मुख्यालय और पानीपत में इंडियन ऑयल रिफाइनरी की रैकी की थी। उस पर लासियाकोट सेक्टर के लिए लॉन्चिंग कमांडर के रूप में काम करने और सुरंगों के माध्यम से घुसपैठ में सहायता करने के साथ-साथ ड्रोन से भारत में हथियार और गोला-बारूद पहुंचाने की व्यवस्था करने का भी आरोप है।
एक अन्य प्रमुख व्यक्ति मसूद इलियास कश्मीरी को जैश प्रमुख मौलाना मसूद अजहर का करीबी सहयोगी बताया जाता है। मंत्रालय ने कहा कि वह जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ का समन्वय करता है और सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं की भर्ती करता है। वह आतंकवाद के लिए धन जुटाता है और अप्रेल 2022 में सुनजवान में पीडीपी कार्यालय के पास एक पुलिस चौकी पर हुए हमले की योजना बनाने में शामिल था।
जैश-ए-मोहम्मद के अमीर और जम्मू-कश्मीर में सैन्य शाखा के प्रमुख के रूप में पहचाने जाने वाले मुफ्ती मोहम्मद असगर खान पर मुजफ्फरबाद में आतंकवादी प्रशिक्षण शिविर चलाने और नगरोटा सेना शिविर पर हमले की साजिश रचने का आरोप है। जैश-ए-मोहम्मद और हरकत-उल-मुजाहिदीन से जुड़े हाफिज अब्दुल शकूर पर भी इसी हमले के लिए सांबा-कठुआ सेक्टर के रास्ते पाकिस्तानी आतंककारियों की घुसपैठ में मदद करने का आरोप है।
मंत्रालय ने अब्दुल्ला जिहादी का भी नाम लिया, जिस पर कुपवाड़ा और बारामूला में सैन्य शिविरों का संचालन करने, उत्तरी कश्मीर में घुसपैठ की सुविधा देने और भारत विरोधी भावना भड़काने का प्रयास करने का आरोप है। सूची में शामिल छह भारतीय नागरिकों में फिरदौस अहमद भट भी शामिल है, जिसने कथित तौर पर 2018 में वाघा सीमा के रास्ते पाकिस्तान में प्रवेश किया और फिर लश्कर-ए-तैयबा में शामिल हो गया। अधिकारियों ने बताया कि वह अब एक लॉन्चिंग कमांडर के रूप में काम करता है, दक्षिण कश्मीर में युवाओं की भर्ती करता है और जमीनी कार्यकर्ताओं को हथियार मुहैया कराता है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सूची में हारून राशिद गनई, बिलाल अहमद मीर, आबिद कय्यूम लोन, नजीर अहमद गुज्जर, ओवैस फारूज और मोहम्मद शाहिद फैसल उन अन्य भारतीय नागरिकों में शामिल हैं, जिन्हें यूपीए के तहत नामित किया गया है। मंत्रालय ने उन पर आतंककारियों की भर्ती करने, हमलों की साजिश रचने, हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी की व्यवस्था करने, ड्रोन आधारित हथियारों की खेप पहुंचाने में मदद करने और सीमा पार से आतंकी मॉड्यूल का समन्वय करने का आरोप लगाया है।
रिपोर्ट के अनुसार रावलपिंडी में रह रहे फैसल पर लश्कर-ए-तैयबा, अल-कायदा और आईएसआईएस से संबंध होने का आरोप है। मंत्रालय ने बताया कि उसने 2012 के बेंगलुरु लश्कर षड्यंत्र मामले, 2013 के नांदेड़ लश्कर मामले को संभाला और 2024 के रामेश्वरम कैफे विस्फोट मामले, मंगलुरु कुकर विस्फोट और अल-हिंद आईएसआईएस मॉड्यूल मामले में ऑनलाइन हैंडलर के रूप में काम किया। उसने सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से जिहादी प्रचार के जरिये युवाओं की भर्ती की।
इस सूची में लश्कर और जैश के कई वरिष्ठ नेता भी शामिल हैं। अब्दुल रऊफ सन 1999 से लश्कर के वरिष्ठ नेता हैं, उन पर फलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन और अल-मदीना वैलफेयर ट्रस्ट जैसे संगठनों के माध्यम से वैश्विक स्तर पर धन जुटाने का आरोप है। उन्हें पहले ही अमेरिका की ओर से विशेष रूप से नामित वैश्विक आतंकवादी घोषित किया जा चुका है।
इस सूची में हाफिज सईद के दामाद के रूप में पहचाने जाने वाले हाफिज खालिद वलीद का भी नाम शामिल है। मंत्रालय ने उन पर 2016 के पंपोर हमले की साजिश रचने का आरोप लगाया है। वह 2003 से लश्कर की केंद्रीय सलाहकार समिति में कार्यरत हैं और 2012 में अमेरिका की ओर से उसे वैश्विक आतंकवादी घोषित किया गया था। सूची में शामिल अन्य व्यक्तियों में अशफाक अहमद, मौलाना इमदाद उल्लाह मक्की, मौलाना सैफुल्लाह खालिद, मोहम्मद याकूब, मौलाना यूसुफ तैबी, कारी याकूब शेख, राणा इफ्तिखार और वसीम नूर जाट शामिल हैं।
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Updated on:
04 Jul 2026 05:41 pm
Published on:
04 Jul 2026 05:30 pm
