
Jamia Millia Islamia: जामिया मिल्लिया इस्लामिया में करीब दो सप्ताह से जारी छात्रों का विरोध प्रदर्शन कल ही खत्म हो गया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रसंघ की बहाली और चुनाव कराने की प्रक्रिया के लिए समयसीमा तय कर दी है। इसके साथ ही कैंपस में पढ़ाई भी ऑफलाइन मोड में शुरू होने जा रही है। रजिस्ट्रार प्रो. एमडी महताब आलम रिजवी की ओर से जारी नए आदेश के मुताबिक, 10 नवंबर 2026 से ऑफलाइन कक्षाएं चलेंगी, जबकि दूसरे मिड-टर्म एग्जाम 16 से 21 नवंबर तक ऑफलाइन होंगे। छात्रों ने विश्वविद्यालय के फैसले को अपने अधिकारों की जीत बताया है। छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर जारी आंदोलन के दौरान कक्षाएं और परीक्षाएं ऑनलाइन कर दी गई थीं।
विश्वविद्यालय प्रशासन के आदेश के अनुसार, जामिया मिल्लिया इस्लामिया छात्रसंघ (JMISU) के संविधान को 15 मई 2027 तक मंजूरी देकर लागू किया जाएगा। इसके बाद नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के करीब छह सप्ताह के भीतर छात्रसंघ चुनाव कराए जाएंगे। नया शैक्षणिक सत्र लगभग 16 जुलाई 2027 से शुरू होने की उम्मीद है। इस हिसाब से छात्रसंघ चुनाव की प्रक्रिया अगस्त 2027 के आसपास पूरी हो सकती है। हालांकि, चुनाव की सटीक तारीख अभी घोषित नहीं की गई है।
गौरतलब है कि जामिया में करीब दो दशक से निर्वाचित छात्रसंघ नहीं है। छात्र लंबे समय से छात्रसंघ की बहाली और चुनाव कराने की मांग कर रहे थे। इस मुद्दे पर करीब दो सप्ताह से विरोध प्रदर्शन चल रहा था।
प्रशासन ने प्रदर्शन में शामिल छात्रों के खिलाफ जारी कारण बताओ नोटिस और शुरू की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई वापस लेने का भी फैसला भी कल किया था। आदेश के मुताबिक, छात्रों के निष्कासन और निलंबन से जुड़े आदेशों के साथ कैंपस में प्रवेश पर लगाई गई पाबंदियां भी हटाई जाएंगी। छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान इन कार्रवाइयों को लेकर भी नाराजगी जताई गई थी। अब प्रशासन के फैसले के बाद आंदोलन समाप्त हो गया है।
रजिस्ट्रार की ओर से जारी नई गाइडलाइन में पढ़ाई और परीक्षा को लेकर भी बदलाव किया गया है। इसके तहत 9 नवंबर 2026 तक ऑनलाइन कक्षाएं जारी रहेंगी। 10 नवंबर से सभी कक्षाएं ऑफलाइन मोड में शुरू होंगी।
वहीं, दूसरे मिड-टर्म एग्जाम 16 नवंबर से 21 नवंबर 2026 तक ऑफलाइन आयोजित किए जाएंगे। शैक्षणिक सत्र 2026-27 के कैलेंडर के अनुसार छात्रों से जुड़ी अन्य सभी अकादमिक गतिविधियां भी ऑफलाइन मोड में होंगी।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह फैसला जामिया मिल्लिया इस्लामिया के स्थापना दिवस के मौके पर जारी किया। छात्रसंघ चुनाव की मांग पर समयसीमा तय होना पहले हुए समझौते के प्रयासों में सबसे अहम मुद्दा था। इस बार प्रशासन ने संविधान लागू करने और चुनाव कराने की प्रक्रिया के लिए स्पष्ट समयसीमा दी है।