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जम्मू कश्मीर के कठुआ में CISF जवानों में कहासुनी होने के बाद एक ने कर दी गोलीबारी, 4 सैनिकों की मौत

jammu Kashmir News: जम्मू-कश्मीर में CISF के 2009 बैच के एक हेड कॉन्स्टेबल ने फोर्स के ही चार जवानों की गोली मारकर हत्या कर दी। यह घटना शाम करीब 7 बजे हुई।
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Sep 29, 2026
CISF Camp Firing
CISF के जवान (फोटो- IANS)

CISF Camp Firing: जम्मू-कश्मीर में 4 CISF जवानो की मौत की सूचना मिली है। जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले के बसोली में सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स (CISF )कैंप में एक जवान ने अपने साथी जवानों पर फायरिंग कर दी, इस घटना में चार जवानों की मौत हो गई है। कठुआ में सेवा-II हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट यूनिट में जवानों के बीच किसी बात पर हुई बहस के बाद, CISF के 2009 बैच के एक हेड कॉन्स्टेबल ने फोर्स के ही चार जवानों की गोली मारकर हत्या कर दी।

सेवा प्रोजेक्ट में हुई फायरिंग

चारों जवान सेवा-II हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट यूनिट के मशका इलाके में तैनात थे। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, जवानों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद एक CISF कर्मी ने अपने ही साथियों पर पर गोली चला दी। घटना में घायल जवानों को हिमाचल प्रदेश के NHPC अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान चारों की मौत हो गई।

चार जवानों की हुई मौत

घटना में मरने वालो में असिस्टेंट कमांडेंट अंकित कुमार पांडे, सब-इंस्पेक्टर लक्ष्मण सिंह, कांस्टेबल रफीक अहमद और कांस्टेबल संदीप कुमार शामिल हैं। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित कर लिया है और मामले की जांच जारी है। CISF हेडक्वार्टर ने कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के आदेश दिए हैं और डीजी CISF पूरी घटना की मॉनीटरिंग कर रहे हैं।

संदिग्ध आरोपी गिरफ्तार

इस पूरे घटनाक्रम में गोलीबारी के बाद आरोपी को उसके दूसरे साथियों ने काबू में कर लिया। इसके बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंच कर पूरे इलाके को सुरक्षित किया। पुलिस ने फायरिंग के मामले में CISF कर्मी अभिदेश सिंह को संदिग्ध आरोपी के तौर पर गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने बताया कि जांच के तहत उसका सर्विस हथियार भी जब्त कर लिया गया है। फिलहाल फायरिंग की पूरी वजह और घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है।

CISF में 2.20 लाख जवान

केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय के अनुसार, सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स में करीब 2.20 लाख जवान हैं। यह बल देश के 361 सरकारी व राष्ट्रीय संस्थानों की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालता है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, जवानों के बीच फायरिंग की घटनाओं में साल 2021 से 2025 के बीच पांच साल में कुल 24 मौतें दर्ज हुई हैं।

Updated on:
29 Sept 2026 09:31 pm
Published on:
29 Sept 2026 08:49 pm