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पाकिस्तान की नई हिमाकत: पुंछ और सांबा में दिखे संदिग्ध ड्रोन, सेना की फायरिंग के बाद वापस भागे

जम्मू के पुंछ और सांबा में पाकिस्तानी ड्रोनों की फिर घुसपैठ। सेना की फायरिंग के बाद वापस भागे ड्रोन। जनरल उपेंद्र द्विवेदी की चेतावनी के बीच गणतंत्र दिवस से पहले जम्मू में हाई अलर्ट और बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन जारी। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

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Jan 16, 2026
(AI Generated Image)

Pakistan Drone Intrusion: थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी की सख्त चेतावनी के बावजूद पाकिस्तान अपनी साजिशों से बाज नहीं आ रहा है। गुरुवार शाम जम्मू संभाग में अंतरराष्ट्रीय सीमा (IB) और नियंत्रण रेखा (LoC) पर एक बार फिर पाकिस्तानी ड्रोनों ने भारतीय हवाई क्षेत्र का उल्लंघन करने की कोशिश की। गणतंत्र दिवस की तैयारियों के बीच हुई इस घटना ने सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर ला दिया है।

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मुस्तैद जवानों ने नाकाम की घुसपैठ

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, गुरुवार शाम पुंछ जिले में LoC के पास और सांबा में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर संदिग्ध ड्रोन मंडराते देखे गए। सीमा पर तैनात सतर्क भारतीय जवानों ने बिना वक्त गंवाए इन ड्रोनों पर फायरिंग शुरू कर दी और तत्काल 'एंटी-ड्रोन सिस्टम' को सक्रिय कर दिया। भारतीय सेना के आक्रामक रुख को देखते हुए ड्रोन कुछ देर हवा में मंडराने के बाद वापस पाकिस्तान की ओर लौट गए। रक्षा मंत्रालय के सूत्रों ने पुष्टि की है कि सेना ने घुसपैठ को रोकने के लिए प्रभावी 'काउंटर अनमैन्ड एयरक्राफ्ट सिस्टम' (C-UAS) का इस्तेमाल किया।

बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन जारी

ड्रोन दिखने के तुरंत बाद पूरे इलाके में सतर्कता बढ़ा दी गई है। हाल ही में ड्रोन दिखने के बाद से सुरक्षाबल सघन तलाशी अभियान (Combing Operations) चला रहे हैं। आशंका जताई जा रही है कि वापस भागने से पहले इन ड्रोनों के जरिए हथियारों, विस्फोटकों या नशीले पदार्थों की खेप गिराई गई हो सकती है। 26 जनवरी के मद्देनजर जम्मू संभाग में पहले से ही सुरक्षा कड़ी है, जिसे अब और अधिक पुख्ता कर दिया गया है।

एक हफ्ते में तीसरी बड़ी कोशिश

पिछले एक सप्ताह के भीतर ड्रोन घुसपैठ की यह तीसरी बड़ी कोशिश है। इससे पहले 11 और 12 जनवरी को सांबा, राजौरी और पुंछ के पांच अलग-अलग स्थानों पर ड्रोन देखे गए थे, जहां नौशेरा सेक्टर में सेना ने मशीन गन से उन पर हमला किया था। इसके बाद 13-14 जनवरी को भी राजौरी के केरी और डूंगा गली क्षेत्रों में ड्रोनों की हलचल दर्ज की गई थी। गौरतलब है कि 10 जनवरी के आसपास सांबा के पालूड़ा गांव से ड्रोन द्वारा गिराए गए हथियारों का एक जखीरा भी बरामद किया जा चुका है।

चेतावनी के बावजूद पाक की नापाक हरकतें

यह उकसावे वाली कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब हाल ही में थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पाकिस्तान को कड़े लहजे में चेतावनी दी थी। उन्होंने स्पष्ट किया था कि ड्रोन के माध्यम से सीमा पार से होने वाली किसी भी तरह की गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इसका करारा जवाब दिया जाएगा। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि गणतंत्र दिवस से पहले अशांति फैलाने के उद्देश्य से पाकिस्तान लगातार ड्रोन का सहारा ले रहा है।

Updated on:
16 Jan 2026 12:45 am
Published on:
16 Jan 2026 12:35 am
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