
JDU Rift: बिहार विधान परिषद के लिए पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जदयू उम्मीदवार नीरज कुमार की जीत के बाद पार्टी के भीतर केंद्रीय मंत्री ललन सिंह को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। एक तरफ जदयू के आधिकारिक फेसबुक पेज पर जारी जीत के पोस्टर से ललन सिंह की तस्वीर नदारद थी, वहीं दूसरी तरफ जीत के बाद नीरज कुमार ने ललन सिंह के खिलाफ आक्रामक रुख अपना लिया है। पार्टी में मचे इस सियासी घमासान को शांत करने के लिए जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा को आगे आना पड़ा है।
पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में जीत के बाद जदयू के आधिकारिक फेसबुक पेज पर नीरज कुमार के लिए एक बधाई पोस्टर साझा किया गया। इस पोस्ट में जीत को पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रति जनता के भरोसे का प्रमाण बताया गया। साथ ही, इसमें निशांत कुमार के प्रभावी नेतृत्व और जनता के बीच उनकी बढ़ती स्वीकार्यता को भी जीत का कारण बताया गया।
पोस्टर में NDA के प्रमुख चेहरे शामिल थे, जिनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा, जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा, निशांत कुमार, BJP प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, चिराग पासवान, जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा शामिल थे। हालांकि, पार्टी के सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक माने जाने वाले केंद्रीय मंत्री ललन सिंह इस पोस्टर से पूरी तरह गायब थे। इससे राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा शुरू हो गई है कि क्या पार्टी के भीतर ललन सिंह के प्रभाव को कम करने की कोई सोची-समझी कोशिश की जा रही है।
जब पत्रकारों ने JD(U) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा से ललन सिंह को लेकर नीरज कुमार के बारे में सवाल पूछा गया, तो उन्होंने स्थिति को सामान्य बताने की कोशिश की। संजय झा ने कहा, "ऐसा है कि आदरणीय ललन सिंह जी पार्टी के सबसे वरिष्ठ नेताओं में से एक हैं। हम सभी उनका बहुत सम्मान करते हैं। किसी भी पार्टी में विचारों का मतभेद होना स्वाभाविक है। वे एक सम्मानित नेता हैं और उन्होंने हमेशा संगठन के विस्तार और पार्टी को मजबूत करने में अपना योगदान दिया है।"
दरअसल, पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव जीतने वाले नीरज कुमार ने ललन सिंह के प्रति सख्त रुख अपनाया है। अपनी जीत के बाद से नीरज कुमार NDA के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, बिजेंद्र यादव और संजय झा के आवास पर जाकर उनका आशीर्वाद लिया और मिठाइयां बांटीं।
हालांकि, जब उनसे ललन सिंह से मुलाकात के बारे में पूछा गया, तो नीरज कुमार ने साफ तौर पर कहा कि वह उनसे मिलने नहीं जाएंगे। उन्होंने कहा कि ललन सिंह से आशीर्वाद लेने का तो सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर उनका ऐसा क्या कसूर था, जिसकी वजह से उन्हें विधान परिषद चुनाव के दौरान इतनी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
गौरतलब है कि जदयू ने मोकामा के विधायक अनंत सिंह के खिलाफ पहले ही कड़ी कार्रवाई कर दी है, जिन्होंने पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में नीरज कुमार के खिलाफ खुलकर बगावत की थी। जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम देवी, दोनों को 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने MLC चुनाव के दौरान पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार नीरज कुमार का विरोध किया और जन सुराज समर्थित उम्मीदवार के लिए प्रचार किया।