30 अक्टूबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

भूटान में ग्लेशियर झील फटने से उत्तर बंगाल में रेड अलर्ट: 11 हजार लोग सुरक्षित निकाले गए, दिल्ली-यूपी-बिहार में भी बदला मौसम

भूटान के लेमथांग में ग्लेशियल झील फटने के बाद उत्तर बंगाल में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। संकॉश नदी और उसकी सहायक नदियों के किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। वहीं, दूसरी तरफ चक्रवात अर्नब और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के असर से देश के 16 से अधिक राज्यों में बारिश की संभावना है।
3 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

भारत

•

image

Anand Shekhar

•

Updated: 30 Oct 2026, 10:44 AM IST

Bhutan GLOF

भूटान में ग्लेशियर झील फटा (फ़ोटो- X@Devesh)

Bhutan GLOF: भूटान के लेमथांग में ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) यानी हिमनद झील के फटने से पानी का एक विशाल सैलाब आ गया है। इससे पश्चिम बंगाल के उत्तरी जिलों में भीषण बाढ़ का गंभीर खतरा पैदा हो गया है। झील का पानी मो छू नदी के रास्ते संकोश नदी की ओर तेजी से बढ़ रहा है, जो आगे चलकर भारत में प्रवेश करती है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पश्चिम बंगाल सरकार और स्थानीय प्रशासन ने पूरे उत्तर बंगाल में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। राहत और बचाव कार्यों के लिए NDRF, SDRF और सिविल डिफेंस की टीमों को युद्ध स्तर पर तैनात कर दिया गया है।

पानी के 5-6 घंटों में मैदानी इलाकों तक पहुंचने की आशंका

राज्य सरकार के मंत्री निशीथ प्रमाणिक ने बताया कि भूटान से आ रहा पानी का यह विशाल सैलाब अगले 5 से 6 घंटों में मैदानी इलाकों तक पहुंच सकता है। उन्होंने कहा कि संकोश नदी और उसकी सहायक नदियों के किनारे या निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए गए हैं।

आपदा प्रबंधन टीमें चौबीसों घंटे निगरानी रख रही हैं और किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान को रोकने के लिए NDRF को सतर्क कर दिया गया है। दार्जिलिंग के सांसद राजू बिष्ट ने भी सोशल मीडिया के जरिए लोगों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और जरूरी एहतियाती कदम उठाएं।

अलीपुरद्वार में 11,000 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया

प्रभावित क्षेत्र के सबसे करीब पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार जिले के पुलिस अधीक्षक अमित कुमार शॉ ने बताया कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और प्रशासन भूटान के अधिकारियों के लगातार संपर्क में है। उन्होंने बताया कि लगभग 4,000 से 5,000 लोगों को सरकारी स्कूलों की इमारतों में बनाए गए राहत शिविरों में रखा गया है, जबकि 6,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित और ऊंचाई वाले इलाकों में पहुंचाया गया है।

इन राहत केंद्रों में पीने के पानी, सूखे राशन, भोजन और अस्थायी शौचालयों की पूरी व्यवस्था की गई है। पुलिस अधीक्षक (SP) ने नागरिकों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और किसी भी तरह की अफवाह न फैलाएं, न ही उन पर विश्वास करें।

तेज बहाव के साथ मलबा और पेड़ आने की आशंका

प्रशासनिक अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि पानी के तेज बहाव में बड़े पेड़, कंक्रीट का भारी मलबा और गाद बहकर आ रही है। हालांकि शुरुआती रिपोर्टों से पता चलता है कि पानी के बहाव की तीव्रता में थोड़ी कमी आई है, लेकिन अगले कुछ घंटों तक संकोश नदी के बेहद संवेदनशील बने रहने की आशंका है।

जिला मजिस्ट्रेट (DM), बीडीओ और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीमें जमीनी स्तर पर गश्त कर रही हैं ताकि जलस्तर बढ़ते ही किनारे बसे हर व्यक्ति को सुरक्षित निकाला जा सके।

देश भर में मौसम की स्थिति

जहां एक तरफ उत्तर बंगाल भूटान से आ रहे बाढ़ के पानी से जूझ रहा है, वहीं भारतीय मौसम विभाग (IMD) का कहना है कि पूरे देश में मौसम की स्थिति काफी अस्थिर बनी हुई है। चक्रवाती तूफान अर्नब और उत्तर-पश्चिम भारत के ऊपर सक्रिय वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण लगभग 16 राज्यों में मौसम के मिजाज में बदलाव आया है।

मौसम विभाग ने उत्तरी बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं, दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तेज हवाओं के साथ आंधी-तूफान आने और कहीं-कहीं ओले गिरने की संभावना है। इसके अलावा, अंडमान सागर में एक नया लो-प्रेशर एरिया बन रहा है, जिसके कारण आने वाले दिनों में बंगाल की खाड़ी के तटीय इलाकों में मौसम में बदलाव हो सकता है।

बड़ी खबरें

View All

राष्ट्रीय

ट्रेंडिंग