
झारखंड राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग के बाद एनडीए-समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवानी की जीत हुई है। उधर, JMM उम्मीदवार बैद्यनाथ राम झारखंड से राज्यसभा के लिए चुने गए।
झारखंड विधानसभा में आज राज्यसभा की दो सीटों के लिए मतदान हुआ। INDIA गठबंधन के पास आराम से दोनों सीटें जीतने के लिए पर्याप्त संख्या थी, लेकिन कुछ विधायकों के क्रॉस वोटिंग करने से कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा को हार का सामना करना पड़ा।
यह नतीजा झारखंड की सियासी तस्वीर को बदलने वाला साबित हो सकता है। एक तरह से हेमंत सोरेन की सरकार के लिए यह चेतावनी की तरह है, क्योंकि गठबंधन के अंदर दरार साफ दिखाई नजर आई है।
विधानसभा में कुल 81 विधायक हैं। INDIA ब्लॉक के पास 56 विधायक थे, जो दोनों सीटें जीतने के लिए काफी थे। जेएमएम के पास 34, कांग्रेस के 16 और राजद के 4 विधायक हैं।
उधर, एनडीए के पास सिर्फ 24 विधायक थे। फिर भी परिमल नाथवानी को करीब 28 वोट मिले, जबकि कांग्रेस के प्रणव झा को महज 20 वोट। बैद्यनाथ राम को अपनी पार्टी और गठबंधन के मजबूत समर्थन के कारण आसान जीत मिली।
सूत्रों के मुताबिक, महागठबंधन के कम से कम 3-4 विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की। खासकर राजद के कुछ विधायकों पर इसकी ज्यादा चर्चा है।
भाजपा ने इस रणनीति से INDIA ब्लॉक को तोड़ने में कामयाबी हासिल की। परिमल नाथवानी रिलायंस इंडस्ट्रीज से जुड़े हैं और पहले भी दो बार झारखंड से राज्यसभा सांसद रह चुके हैं। उनकी जीत एनडीए के लिए बड़ी राहत है।
जेएमएम उम्मीदवार बैद्यनाथ राम, जो पहले मंत्री रह चुके हैं, उन्हें अपनी पार्टी के मजबूत आधार और गठबंधन के वोटों के कारण कोई दिक्कत नहीं हुई।
उन्होंने मतदान के बाद भरोसा जताया था कि दोनों सीटें INDIA ब्लॉक की झोली में आएंगी, लेकिन दूसरी सीट पर गणित बिगड़ गया।
परिमल एक अनुभवी नेता और कारोबारी हैं। एनडीए ने उन्हें स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में खड़ा किया और क्रॉस वोटिंग के सहारे जीत दिलाई। उनकी जीत से NDA का मनोबल बढ़ा है।