
Jitan Ram Manjhi: केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति और चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर विपक्ष के आरोपों पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान रूस और चीन जैसी बड़ी शक्तियों के बीच मध्यस्थता की और एक उभरते वैश्विक नेता के रूप में अपनी भूमिका दिखाई, लेकिन विपक्ष इसे स्वीकार नहीं करता। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए मांझी ने कहा कि विपक्ष का काम सरकार के कामकाज पर सवाल उठाना हो सकता है, लेकिन उसे सरकार की उपलब्धियों को भी देखना चाहिए। उन्होंने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी की भूमिका का जिक्र किया।
चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर चल रहे विवाद पर जीतन राम मांझी ने आयोग के कदमों को कानूनी और सही बताया। उन्होंने कहा कि इस मामले में आयोग के फैसले को सर्वसम्मत माना जाना चाहिए। मांझी ने यह भी कहा कि संवैधानिक संस्थाओं में विचारों के अंतर को सार्वजनिक विवाद का विषय बनाना उचित नहीं है। हालांकि, चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। कांग्रेस ने मंगलवार को हुई कांग्रेस कार्यसमिति यानी CWC की बैठक में चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। बैठक करीब ढाई घंटे चली और इसमें 68 सदस्य शामिल हुए।
CWC बैठक के बाद कांग्रेस महासचिव और सांसद केसी वेणुगोपाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि बैठक में चुनाव आयोग और चुनाव व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी पिछले करीब 18-19 महीनों से सबूतों के साथ चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा उठा रहे हैं। वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस कार्यसमिति ने राहुल गांधी के 'वोट चोरी' अभियान के जरिए चुनावी व्यवस्था से जुड़े सवाल उठाने के लिए उनकी सराहना की। कांग्रेस ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची में बदलावों को लेकर कई सवाल उठाए हैं।
बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के उस आरोप पर भी जीतन राम मांझी ने प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि राज्य में जाति के आधार पर एनकाउंटर किए जा रहे हैं। मांझी ने कहा कि अपराधी को अपराधी के तौर पर देखा जाना चाहिए, उसकी जाति के आधार पर नहीं। उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा कि अगर उनकी मुसहर समुदाय का कोई व्यक्ति अपराध करता है या किसी एनकाउंटर में पकड़ा जाता है, तो इसका मतलब यह नहीं निकाला जा सकता कि पूरे समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है।