Joint ED-CBI-NIA Operation: सीबीआई-ईडी-एनआईए जल्द ही मिलकर एक जॉइंट ऑपरेशन चलाने वाले हैं। इसके लिए तीनों की एक जॉइंट टीम जल्द ही यूके जाएगी। क्या है इस जॉइंट ऑपरेशन का मकसद? आइए जानते हैं।
भारत की खुफिया और जांच एजेंसियों का जब भी ज़िक्र होता है, तो कुछ एजेंसियों को नाम सबसे ऊपर आता है। इनमें सीबीआई (CBI) ईडी, (ED) और एनआईए (NIA) शामिल हैं। देशभर में ये तीनों एजेंसियाँ भ्रष्टाचारियों, अपराधियों और आतंकियों पर नकेल कसने के लिए अलग-अलग ऑपरेशन चलाती रहती हैं। पर अब तीनों एजेंसियाँ एक साथ मिलकर एक जॉइंट ऑपरेशन चलाने के तैयारी में हैं। जी हाँ, आपने सही पढ़ा। सीबीआई, ईडी और एनआईए जो देश की टॉप एजेंसियाँ हैं, अब मिलकर एक काम को अंजाम देने जा रही हैं। सीबीआई, ईडी और एनआईए की एक जॉइंट टीम जल्द ही इसके लिए यूके रवाना होने वाली है और यह जॉइंट ऑपरेशन भारतीय भगोड़ों से जुड़ा हुआ है।
भारतीय भगोड़ों को वापस लाया जाएगा देश
सीबीआई, ईडी और एनआईए की जॉइंट टीम का यूके जाने का मकसद है भारतीय भगोड़ों को वापस देश लाना। इन भगोड़ों में विजय माल्या (Vijay Mallya), नीरव मोदी (Nirav Modi), मेहुल चोकसी (Mehul Choksi) और संजय भंडारी (Sanjay Bhandari) का नाम शामिल हैं।
भारत लाने की प्रक्रिया में लाई जाएगी तेज़ी
विजय माल्या, नीरव मोदी, मेहुल चोकसी और संजय भंडारी जैसे भगोड़ों को भारत लाने की कोशिश पिछले काफी समय से की जा रही है। ऐसे में सीबीआई, ईडी और एनआईए की जॉइंट टीम लंदन (London) जाकर इस प्रक्रिया में तेज़ी लाएगी।
विदेश मंत्रालय से एक अधिकारी जाएगा साथ
सीबीआई, ईडी और एनआईए की जॉइंट टीम के साथ देश के विदेश मंत्रालय का एक अधिकारी भी लंदन जाएगा। इस अधिकारी का काम लंदन में अधिकारियों से बातचीत करना और पूरी प्रक्रिया को आसान बनाना होगा।
सभी भगोड़ों ने किया है बड़ा घोटाला
सीबीआई, ईडी और एनआईए की जॉइंट टीम जिन भगोड़ों को वापस देश लाने के लिए लंदन जा रही है, उन सभी ने भारत में बड़ा घोटाला किया है और गिरफ्तार होने से बचने के लिए भारत से भागने का फैसला लिया।
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