Journalist arrested from Sandeshkhali: ममता बनर्जी शासित पश्चिम बंगाल के संदेशखाली में टीएमसी नेता शाहजहां शेख और उसके पोषित गुंडों द्वारा हिंदू महिलाओं के साथ हुए दुष्कर्म को लेकर रिपोर्टिंग कर रहे एक पत्रकार को गिरफ्तार किया गया है।
ममता बनर्जी शासित पश्चिम बंगाल के संदेशखाली में टीएमसी नेता शाहजहां शेख और उसके पोषित गुंडों द्वारा हिंदू महिलाओं के साथ हुए दुष्कर्म को लेकर रिपोर्टिंग कर रहे एक पत्रकार को गिरफ्तार किया गया है। एक ताजा घटनाक्रम में एक रिपोर्टर, जो पिछले सप्ताह वहां तनाव फैलने के बाद से उत्तर 24 परगना जिले के संकटग्रस्त संदेशखाली से ग्राउंड रिपोर्ट दे रहा था, उसे सोमवार देर शाम पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
रिपोर्टर के खिलाफ सटीक आरोपों का खुलासा नहीं
राज्य पुलिस ने अभी तक गिरफ्तार रिपोर्टर संतू पान के खिलाफ सटीक आरोपों का खुलासा हालांकि नहीं किया है, लेकिन सूत्रों ने कहा कि एक स्थानीय महिला द्वारा उनके और उनके कैमरामैन के खिलाफ दर्ज कराई गई अतिक्रमण की शिकायत के बाद सोमवार शाम को संदेशखली से रिपोर्टिंग करते समय उन्हें पकड़ लिया गया।
बशीरहाट के डीएसपी हुसैन मेहदी रहमान ने मीडियाकर्मियों को बताया कि शिकायत करने वाली महिला ने दावा किया कि रिपोर्टर अपने कैमरामैन के साथ उसके घर में घुस गया और रिकॉर्डिंग शुरू कर दी, जिसके लिए वह तैयार नहीं थी। संतू पान को मंगलवार को बशीरहाट की निचली अदालत में पेश किया जाएगा।
लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा हमला- सुकांत मजूमदार
इस बीच, राज्य में विपक्षी नेताओं ने गिरफ्तारी के लिए सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस की आलोचना की है और इसे मीडिया पर एक अभूतपूर्व हमला बताया है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कहा कि गिरफ्तारी से पता चलता है कि राज्य सरकार संदेशखाली की घटनाओं को दबाने के लिए कितनी बेचैन है। यह लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर एक बड़ा, अमानवीय और सीधा हमला है।
मीडिया पर ऐसा हमला कभी नहीं देखा गया
राज्य कांग्रेस नेता और कलकत्ता उच्च न्यायालय में वकील कौस्तव बागची ने कहा कि यह साबित हो गया है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपनी सरकार के खिलाफ थोड़ी सी भी प्रतिकूल कवरेज या आलोचना बर्दाश्त नहीं कर सकतीं। बागची ने कहा, “वह चाहती हैं कि हर कोई उनकी और उनकी सरकार की प्रशंसा करे। जो लोग ऐसा नहीं करेंगे, उन्हें पुलिस के मार्फत राज्य प्रशासन के क्रोध का सामना करना पड़ेगा।” विधानसभा में एआईएसएफ के एकमात्र प्रतिनिधि नौशाद सिद्दीकी ने पत्रकार की गिरफ्तारी की निंदा की और कहा कि मीडिया पर ऐसा हमला पश्चिम बंगाल में कभी नहीं देखा-सुना गया था।