
वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति रोड्रिगेज का भारत में स्वागत। ( फोटो: ANI )
Energy Security: भारत की ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक व्यापारिक रणनीतियों के लिए एक बहुत अच्छी खबर सामने आई है। भारत और वेनेजुएला के बीच गहराते आर्थिक संबंधों से भारतीय अर्थव्यवस्था को सीधे तौर पर बड़ा बूस्ट मिलने जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 678.94 मिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच चुका है, लेकिन असली गेम-चेंजर ऊर्जा क्षेत्र साबित होने वाला है,लेकिन असली गेम-चेंजर ऊर्जा क्षेत्र साबित होने वाला है जहां भारत को 4 बड़े कूटनीतिक और आर्थिक फायदे मिलेंगे:
ओएनजीसी (OVL) के निवेश को संजीवनी: कोर्पोरासियन वेनेज़ोलाना डेल पेट्रोलेओ के साथ ओएनजीसी विदेश लिमिटेड (OVL) के संयुक्त उपक्रमों को नया जीवन मिलेगा, जिससे भारत की विदेशों में ऊर्जा संपत्तियों को मजबूती मिलेगी।
सस्ते कच्चे तेल की निर्बाध आपूर्ति: वेनेजुएला मई 2026 तक भारत को कच्चे तेल की आपूर्ति करने वाला तीसरा सबसे बड़ा देश बनने की राह पर है, जिससे घरेलू बाजार में ईंधन की कीमतें स्थिर रहेंगी।
अरबों डॉलर की विदेशी मुद्रा की बचत: अन्य खाड़ी देशों के मुकाबले वेनेजुएला से रियायती दरों (सस्ते दाम) पर तेल मिलने से भारत के राजकोषीय घाटे में भारी कमी आएगी।
फार्मा और ऑटोमोटिव सेक्टर को नया बाजार: भारतीय दवा कंपनियों (फार्मास्युटिकल्स), आयुष और ऑटोमोटिव उद्योग के लिए वेनेजुएला में निर्यात और निवेश के बड़े अवसर खुलेंगे।
वेनेजुएला, मई 2026 तक भारत को कच्चे तेल की आपूर्ति करने वाला तीसरा सबसे बड़ा देश बनने की राह पर है। इससे न केवल घरेलू बाजार में ईंधन की कीमतें स्थिर रखने में मदद मिलेगी, बल्कि भारत को ऊर्जा के लिए अन्य मध्य-पूर्वी देशों पर निर्भरता भी कम करनी होगी। ओएनजीसी विदेश लिमिटेड के मौजूदा संयुक्त उपक्रमों और फार्मास्युटिकल्स, आयुष, डिजिटल समाधान और ऑटोमोटिव क्षेत्रों में बढ़ते निवेश से भारतीय कंपनियों के लिए वेनेजुएला में व्यापार के नए द्वार खुलेंगे।
इस बीच, भारत-वेनेजुएला के इन्हीं मजबूत होते रिश्तों और द्विपक्षीय व्यापार को और अधिक नई ऊंचाइयों पर ले जाने के उद्देश्य से वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज बुधवार को पांच दिवसीय कार्य यात्रा पर राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली पहुंची हैं। विदेश मंत्रालय ने उनका जोरदार स्वागत किया है। यहां 3 जून से 7 जून तक चलने वाले इस दौरे में रोड्रिगेज के साथ वेनेजुएला के विदेश मामलों, अर्थव्यवस्था, वित्त, विज्ञान-प्रौद्योगिकी, संचार और परिवहन मंत्रियों का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी आया है।
अपनी इस यात्रा के दौरान कार्यवाहक राष्ट्रपति रोड्रिगेज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हैदराबाद हाउस में आधिकारिक वार्ता करेंगी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ भी द्विपक्षीय बैठक में हिस्सा लेंगी। इसके अलावा, वेनेजुएला का यह डेलिगेशन भारत के ऊर्जा, दवा और ऑटोमोटिव सेक्टर से जुड़े प्रमुख औद्योगिक स्थलों का दौरा भी करेगा ताकि भारत की निर्माण क्षमताओं को समझकर नए सौदों को अंतिम रूप दिया जा सके। ( इनपुट: ANI )
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Updated on:
03 Jun 2026 07:41 pm
Published on:
03 Jun 2026 07:35 pm
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