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JPSC Exam: CID ने जेपीएससी के तीन मौजूदा सदस्यों को पूछताछ के लिए बुलाया, जांच का दायरा और बढ़ा

JPSC: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही CID ने आयोग के तीन मौजूदा सदस्यों को पूछताछ के लिए बुलाया है। मामले में अब तक 19 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और पूर्व अध्यक्ष एल. खियांगते से भी कई दौर की पूछताछ की जा चुकी है।
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Aug 07, 2026
JPSC Exam news
झारखंड लोक सेवा आयोग

CID Investigation In JPSC: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही सीआईडी ने अब आयोग के तीन मौजूदा सदस्यों को पूछताछ के लिए तलब किया है। एजेंसी सोमवार से इनसे पूछताछ करेगी। इससे पहले पूर्व JPSC अध्यक्ष एल. खियांगते से कई दौर की पूछताछ की जा चुकी है और इस मामले में अब तक 19 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

तीन मौजूदा सदस्यों को भेजा नोटिस

सीआईडी ने शुक्रवार को JPSC के तीन वर्तमान सदस्यों डॉ. अजिता भट्टाचार्य, डॉ. अनीमा हांसदा और डॉ. जमाल अहमद को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया है। ये तीनों सदस्य सितंबर 2021 में नियुक्त किए गए थे। उनकी नियुक्ति को अगस्त 2021 में राज्य मंत्रिमंडल की मंजूरी मिली थी।

परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े फैसलों पर होंगे सवाल

जांच एजेंसी इन सदस्यों से परीक्षा आयोजित करने की प्रक्रिया, आयोग द्वारा लिए गए निर्णयों और भर्ती परीक्षा के संचालन के दौरान हुई घटनाओं के क्रम को लेकर जानकारी जुटाएगी। सीआईडी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित गड़बड़ियां किस स्तर पर हुईं और परीक्षा प्रक्रिया किस चरण में प्रभावित हुई।

पूर्व अध्यक्ष एल. खियांगते से हो चुकी है लंबी पूछताछ


इस मामले में सीआईडी पहले ही पूर्व JPSC अध्यक्ष और पूर्व मुख्य सचिव एल. खियांगते से चार चरणों में 30 घंटे से अधिक पूछताछ कर चुकी है। 22 जुलाई को सीआईडी की ओर से JPSC कार्यालय में छापेमारी के बाद एल. खियांगते ने JPSC अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद एजेंसी ने उनके सरकारी आवास पर भी तलाशी ली थी।

अब तक 19 गिरफ्तार, आउटसोर्सिंग कंपनी का मैनेजर भी शामिल

JPSC परीक्षा घोटाले से जुड़े मामले में अब तक 19 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरफ्तार आरोपियों में परीक्षा संचालन का जिम्मा संभालने वाली आउटसोर्सिंग कंपनी TSR Data Processing Pvt Ltd के मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी भी शामिल हैं। जांच एजेंसी उन्हें इस मामले का प्रमुख आरोपी मान रही है और उनके कथित नेटवर्क तथा अन्य लोगों से संबंधों की जांच कर रही है। कंपनी के कई अन्य अधिकारियों और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े लोगों को भी हिरासत में लिया गया है।

जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा

सीआईडी केवल परीक्षा में कथित अनियमितताओं की ही जांच नहीं कर रही, बल्कि यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि भर्ती प्रक्रिया में किस स्तर पर गड़बड़ी हुई और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही। तीनों मौजूदा JPSC सदस्यों को पूछताछ के लिए बुलाए जाने के बाद इस मामले की जांच का दायरा और व्यापक हो गया है।

Updated on:
07 Aug 2026 09:31 pm
Published on:
07 Aug 2026 09:12 pm