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JPSC-JSSC परीक्षा में गड़बड़ी पर CID का बड़ा एक्शन, कोचिंग संचालक समेत 2 गिरफ्तार

Jharkhand CID: झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितता, पेपर लीक और OMR हेराफेरी की जांच में CID ने कोचिंग संचालक संजीत कुमार समेत दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है।
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Updated: 14 Sep 2026, 9:36 PM IST
JSSC CGL Paper Leak
JPSC-JSSC परीक्षा में गड़बड़ी पर CID का बड़ा एक्शन(फोटो-IANS)

JSSC CGL Paper Leak: झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की परीक्षाओं में कथित पेपर लीक, अनियमितता और ओएमआर शीट में हेराफेरी की जांच कर रही सीआईडी ने सोमवार को दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार लोगों में रांची का कोचिंग संचालक संजीत कुमार और जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में अभ्यर्थियों को कथित तौर पर प्रश्न-उत्तर रटवाने वाला दिलीप कुमार पासवान शामिल है। सीआईडी ने दोनों को विशेष अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। जांच एजेंसी अब दोनों से कथित तौर पर अभ्यर्थियों से ली गई रकम, लेन-देन और इस पूरे नेटवर्क से जुड़े लोगों के बारे में जानकारी जुटाएगी।

JPSC मामले में कोचिंग संचालक गिरफ्तार

सीआईडी ने जेपीएससी परीक्षाओं में अनियमितता से जुड़े सीआईडी थाना कांड संख्या 16/2026 में संजीत कुमार को गिरफ्तार किया है। वह रांची के सुखदेवनगर थाना क्षेत्र स्थित रातू रोड के शिव भवन कमलाकांत रोड का रहने वाला है और सरकुलर रोड में शिवांगन कोचिंग चलाता है। जांच के मुताबिक, संजीत कुमार पर अभ्यर्थियों को जेपीएससी परीक्षा पास कराने का दावा कर उनसे पैसे वसूलने का आरोप है। वह परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसी मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) के मार्केटिंग मैनेजर अभय कुमार तिवारी और कंपनी के संचालक रामबीर सिंह के संपर्क में था।

इस मामले में पहले गिरफ्तार किए गए अभय कुमार तिवारी के बयान में भी संजीत कुमार का नाम सामने आया था। तिवारी ने जांच एजेंसी को बताया था कि संजीत अभ्यर्थियों से संपर्क करता था और उन्हें परीक्षा में सफल कराने के नाम पर पैसे लेता था। अब सीआईडी यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि संजीत ने कितने अभ्यर्थियों से कितनी रकम ली, उनमें से कितने अभ्यर्थी सफल हुए और कथित तौर पर वसूली गई रकम को किन-किन लोगों के बीच बांटा गया।

JSSC CGL मामले में आसनसोल कनेक्शन

दूसरी गिरफ्तारी झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की संयुक्त स्नातक स्तरीय यानी जेएसएससी सीजीएल परीक्षा के कथित पेपर लीक मामले में हुई है। सीआईडी थाना में 1 जनवरी 2025 को दर्ज कांड संख्या 01/2025 में दिलीप कुमार पासवान को अप्राथमिकी अभियुक्त के तौर पर गिरफ्तार किया गया है। दिलीप कुमार पासवान फिलहाल पश्चिम बंगाल के नवकाडिया थाना क्षेत्र के केंदा स्थित ईस्ट केंदा कॉलोनी में रहता है। वह मूल रूप से बिहार के जमुई जिले के खैरा थाना क्षेत्र के खड़ाईच स्थित नवकाडीह गांव का रहने वाला बताया गया है। सीआईडी की जांच में सामने आया है कि दिलीप कुमार पासवान ने जेएसएससी सीजीएल परीक्षा से जुड़े करीब चार-पांच अभ्यर्थियों को आसनसोल के एक होटल में कथित तौर पर प्रश्न और उत्तर रटवाए थे। इसके बदले अभ्यर्थियों से पैसे लेने का भी आरोप है।

वित्तीय लेन-देन के सबूत जुटाने का दावा

जांच एजेंसी के मुताबिक, दिलीप कुमार पासवान के खिलाफ वित्तीय लेन-देन समेत अन्य ठोस सबूत जुटाए गए हैं। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद उसे पूछताछ के लिए रांची बुलाया गया था। पूछताछ के दौरान संतोषजनक जवाब नहीं मिलने के बाद सीआईडी ने उसे गिरफ्तार कर लिया। अब जांच एजेंसी उससे यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि अभ्यर्थियों से कथित तौर पर ली गई रकम कहां पहुंचाई गई और इस लेन-देन में कौन-कौन लोग शामिल थे।

Updated on:
14 Sep 2026, 9:36 PM IST
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