
Devendra Nath Mahato News: झारखंड की राजधानी रांची में जेपीएससी और जेएसएससी में कथित गड़बड़ियों के विरोध में छात्रों का आंदोलन जारी है। छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो पिछले चार दिनों से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अनशन पर बैठे थे। बुधवार को सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने वीडियो कॉल के जरिए देवेंद्र नाथ महतो से बात की। दोनों के बीच छात्रों की मांगों और आंदोलन को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। इस दौरान सोनम वांगचुक ने देवेंद्र नाथ महतो की बिगड़ती सेहत पर भी चिंता जताई। उन्होंने उनसे अनशन समाप्त करने की अपील की। सोनम वांगचुक की इस अपील के बाद देवेंद्र नाथ महतो ने पानी पिया, लेकिन उनकी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी है।
रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में 14वीं जेपीएससी संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा और जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्र आंदोलनरत हैं। उनकी मांग है कि भर्ती परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। प्रदर्शनकारी 14वीं जेपीएससी संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा की प्रारंभिक परीक्षा (पीटी) रद्द करने और टीडीपीएल एजेंसी के माध्यम से आयोजित परीक्षाओं की समीक्षा कराने की भी मांग कर रहे हैं।
गौरतलब है कि अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने जेपीएससी पेपर लीक मामले में अब तक 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। वहीं, जेपीएससी के अध्यक्ष एल खियांग्ते ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
छात्रों के विरोध-प्रदर्शन पर बुधवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भरोसा दिलाया कि सरकार अभ्यर्थियों की सभी चिंताओं का समाधान करेगी। उन्होंने कहा, 'मैं पहले भी कह चुका हूं कि सरकार की आंख और कान खुले हैं। सरकार इस मुद्दे को लेकर संवेदनशील है। जांच टीम दिन-रात काम कर रही है। हम उसकी रिपोर्ट और निष्कर्ष का इंतजार कर रहे हैं। बहुत जल्द छात्रों और राज्य की जनता को पूरी जानकारी दी जाएगी। छात्रों की सभी आवश्यकताओं का ध्यान रखा जाएगा और उन्हें न्याय मिलेगा।'
इससे पहले झामुमो नेता मनोज पांडेय ने झामुमो नेता मनोज पांडेय ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया था। उन्होंने गत सोमवार को कहा था कि हेमंत सोरेन सरकार किसी भी दोषी को नहीं बख्शेगी। उन्होंने राज्य की जांच एजेंसियों पर भरोसा जताते हुए कहा कि मामले की जांच सीबीआई जैसी केंद्रीय एजेंसी के बजाय राज्य की एजेंसियों को ही करनी चाहिए।