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JPSC-JSSC Protest: 4 मंत्रियों से वार्ता के लिए पहुंचे छात्र, बोले- एक भी मांग खारिज हुई तो जारी रहेगा आंदोलन

Jharkhand JPSC-JSSC Protest: रांची में JPSC-JSSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों का 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल झारखंड सरकार से बातचीत के लिए स्टेट गेस्ट हाउस पहुंचा। छात्र नेताओं ने कहा कि सभी मांगें माने बिना आंदोलन खत्म नहीं होगा।
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Updated: 7 Aug 2026, 8:53 PM IST
JPSC-JSSC Protest news
झारखंड छात्र आंदोलन( फाइल फोटो-IANS)

JPSC-JSSC Protest: झारखंड की राजधानी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में पिछले दो हफ्तों से चल रहा छात्रों का बड़ा विरोध प्रदर्शन अब एक अहम मोड़ पर पहुंच गया है। उम्मीदवार राज्य लोक सेवा आयोग (JPSC) और कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा आयोजित विभिन्न परीक्षाओं में कथित धांधली, अनियमितताओं और पेपर लीक को लेकर विरोध कर रहे हैं। शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन के 14वें दिन छात्रों के प्रतिनिधियों को कड़ी सुरक्षा के बीच और सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (SDM) की मौजूदगी में स्टेडियम से स्टेट गेस्ट हाउस ले जाया गया। राज्य सरकार की इस पहल का मकसद अधिकारियों के साथ सीधी और आधिकारिक बातचीत का रास्ता बनाना था।

मांगों पर कोई समझौता नहीं: छात्र नेता रवींद्र पासवान

बातचीत के लिए स्टेट गेस्ट हाउस जाने से पहले छात्र नेता रवींद्र पासवान ने बताया कि SDM ने बातचीत करने की सरकार की इच्छा के बारे में जानकारी दी है। एकजुटता दिखाते हुए छात्रों ने झारखंड के लाखों युवाओं की चिंताओं को उठाने और मंत्रियों के सामने अपना पक्ष रखने के लिए 10 सदस्यों का एक प्रतिनिधिमंडल बनाया। रवींद्र पासवान ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल युवाओं के प्रतिनिधियों के तौर पर आगे बढ़ रहा है और उनकी सभी मांगें अहम हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार एक भी मांग को ठुकराती है, तो बातचीत को सफल नहीं माना जाएगा और जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से शुरू हुआ आंदोलन बिना रुके जारी रहेगा।

क्या है छात्रों की मांग?

एजेंसी जिसकी अभी जांच चल रही है) द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं को तुरंत रद्द किया जाए। इसके अलावा, उन्होंने अभय तिवारी से जुड़ी किसी भी भर्ती प्रक्रिया को रद्द करने की मांग की है।

उम्मीदवारों की दूसरी मांग यह है कि निष्पक्षता सुनिश्चित करने और वित्तीय अनियमितताओं की गहन जांच के लिए मामले को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) को सौंपा जाए। उनकी तीसरी मांग JPSC और JSSC के कामकाज, प्रश्न पत्र तैयार करने की प्रक्रिया और खुद परीक्षा प्रणाली में बड़े संस्थागत सुधारों की है, ताकि भविष्य में ऐसी अनियमितताओं को रोका जा सके।

बैठक में मौजूद मंत्री और प्रशासनिक अधिकारी

मुख्यमंत्री के निर्देश पर छात्रों की शिकायतों को सुनने और गतिरोध को दूर करने के लिए चार वरिष्ठ मंत्रियों की एक टीम बनाई गई है। यह टीम स्टेट गेस्ट हाउस में मौजूद है। सरकार की ओर से बातचीत करने की जिम्मेदारी मंत्री दीपिका पांडे सिंह, सुदिव्य कुमार सोनू, चमरा लिंडा और संजय यादव को सौंपी गई थी। इसके अलावा प्रशासनिक और नीतिगत फैसलों में समन्वय सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह भी इस महत्वपूर्ण बैठक में शामिल हुए।

छात्र आंदोलन के 10 प्रतिनिधि

आंदोलन का नेतृत्व करने और सरकार के साथ सीधी बातचीत करने के लिए 10 छात्र प्रतिनिधियों की एक सूची तैयार कर सौंपी गई। इस प्रतिनिधिमंडल में रवींद्र पासवान, पीयूष कुमार, राजेश प्रसाद, नीतू कुजूर, अंकित राज, कार्तिक सोरेन, शालू कुमारी, रवींद्र कुमार रवि, आनंद कुमार और अंकित कुमार शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने राज्य भर के अपने साथी छात्रों और उम्मीदवारों के हितों की रक्षा के लिए बातचीत में हिस्सा लिया।

Updated on:
7 Aug 2026, 8:53 PM IST
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