
Jharkhand Protest: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ राजधानी रांची में छात्रों का आंदोलन जारी है। इसी बीच अनशन पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग की है। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को ऐसी परेशानियों और संघर्षों का सामना न करना पड़े, इसके लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि अनशन के दौरान उनकी स्थिति बेहद गंभीर और अंतिम चरण में है। महतो ने कहा कि सरकार की ओर से सोमवार को बातचीत का न्योता मिला है और उम्मीद जताई कि यह वार्ता सकारात्मक परिणाम लेकर आएगी।
छात्र नेता महतो ने कहा कि हम चाहते हैं कि शिक्षा व्यवस्था ऐसी हो, जिसमें किसी भी छात्र को अपने अधिकारों के लिए इतना संघर्ष न करना पड़े। शिक्षा प्रणाली में स्थायी सुधार होना चाहिए, जिसका लाभ पीढ़ियों तक पहुंच सके।
इससे पहले रविवार को JPSC और JSSC अभ्यर्थियों का आंदोलन 23वें दिन में प्रवेश कर गया। प्रदर्शन कर रहे छात्र नेताओं ने भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के विरोध में 20 अगस्त को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास का घेराव करने का ऐलान किया था। हालांकि, इसी बीच राज्य सरकार ने छात्रों को वार्ता के लिए आमंत्रित किया।
छात्रों ने सोमवार दोपहर 2 बजे रांची स्थित स्टेट गेस्ट हाउस में सरकार के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक में शामिल होने पर सहमति जताई है। अपर जिला दंडाधिकारी (कानून व्यवस्था) धनंजय कुमार ने प्रदर्शनकारी छात्रों से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने बताया कि प्रशासन ने छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल और उनके कानूनी सलाहकार को सरकार के साथ बातचीत के लिए आमंत्रित किया है।
उन्होंने कहा कि हम छात्रों से मिलने और उनका हाल जानने आए थे। हम रोज यहां आकर स्थिति की जानकारी लेते हैं। सरकार की ओर से छात्रों और उनके कानूनी सलाहकार के साथ सोमवार दोपहर 2 बजे स्टेट गेस्ट हाउस में बैठक का प्रस्ताव दिया गया है। इस बैठक में मंत्रियों का वही समूह शामिल होगा।
वहीं, छात्र नेता रविंद्र पासवान ने कहा कि छात्र बातचीत में शामिल होंगे, लेकिन उन्होंने सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार बातचीत के लिए तैयार हुई है, लेकिन यह देखना होगा कि वह छात्रों की मांगों को लेकर कितनी गंभीर है।
पासवान ने कहा कि हम वार्ता में शामिल होंगे, लेकिन यह स्पष्ट होना चाहिए कि सरकार हमारी मांगों को लेकर वास्तव में गंभीर है या नहीं। उम्मीद है कि बैठक में सरकार अपनी स्थिति साफ करेगी।