
Lok Sabha Suspension: TMC के कल्याण बनर्जी को एक महिला सांसद के खिलाफ असंसदीय भाषा का इस्तेमाल करने के कारण लोकसभा के मॉनसून सत्र की शेष अवधि से सस्पेंड कर दिया गया है। मॉनसून सत्र के तीसरे दिन, बुधवार को विपक्षी सांसदों ने संसद में विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों के विरोध-प्रदर्शन से निपटने के तरीके और परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ियों को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध जताने के लिए उन्होंने काले कपड़े पहने थे।
NCPI सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने बुधवार को आरोप लगाया कि संसद की कार्यवाही के दौरान तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी ने NCPI सदस्यों और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के साथ बदसलूकी की और अपशब्द कहे। इसे अभूतपूर्व व्यवहार बताते हुए और बनर्जी पर महिलाओं के प्रति नफरत भरी सोच (misogynistic) वाला व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए, दस्तीदार ने कहा कि इस घटना को लेकर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को शिकायत सौंपी गई है।
टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी के खिलाफ केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने रखा सदन में प्रस्ताव रखा जिसे सदन में स्वीकार किया गया। पूर्व में महिला सांसदों द्वारा कल्याण बनर्जी के खिलाफ लोक सभा अध्यक्ष को शिकायत दी गई थी।
विपक्ष बुधवार को अपनी बात पर अड़ा रहा कि NEET पेपर लीक और छात्रों के मुद्दों पर चर्चा स्थगन प्रस्ताव (adjournment motion) के तहत होनी चाहिए। सूत्रों के अनुसार, सरकार ने विपक्ष से कहा कि अगर सदन में कामकाज ठीक से चलता है, तो वह आज ही पेपर लीक पर चर्चा के लिए तैयार है।
प्रस्ताव पास होने के बाद, पीठासीन कृष्णा प्रसाद तेनेटी ने सांसद कल्याण बनर्जी को सदन से बाहर जाने को कहा। सूत्रों के अनुसार, इससे पहले विपक्ष के हंगामे के बाद सदन की कार्यवाही स्थगित होने पर लोकसभा चैंबर में कल्याण बनर्जी की अपनी पार्टी के कुछ पूर्व साथियों और NCPI सांसदों के साथ तीखी बहस हुई थी। इस बहस में शामिल नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) के सदस्यों में मिताली बाग, शताब्दी रॉय और काकोली घोष दस्तीदार शामिल थीं।