
CG News: आयुष्मान भारत योजना के तहत कैशलेस इलाज में गड़बड़ियों की शिकायतों पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) नई दिल्ली ने वेरी हाई रिस्क श्रेणी में चिन्हांकित किए गए छत्तीसगढ़ के 17 निजी अस्पतालों की राज्य स्तरीय जांच दल ने जांच की है।
छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य संचालनालय द्वारा गठित इस टीम ने 30 सितंबर 2026 को इन अस्पतालों का निरीक्षण किया और आयुष्मान योजना के अंतर्गत मरीजों को उपलब्ध कराए गए उपचार से संबंधित सभी आवश्यक दस्तावेजों की जांच की। जांच के दायरे में रायपुर के 7, बिलासपुर के 3, दुर्ग के 2 तथा सरगुजा, बस्तर, कबीरधाम, कोंडागांव और कोरबा के एक-एक अस्पताल शामिल हैं।
इन प्राइवेट हॉस्पिटल में की गई जांच
1. श्री रावतपुरा सरकार अस्पताल रायपुर
2. श्री अनंत सांई अस्पताल रायपुर
3. श्री महादेव अस्पताल रायपुर
4. श्रीनिवास अस्पताल रायपुर
5. एसके केयर अस्पताल रायपुर
6. विजन सेंटर आई अस्पताल रायपुर
7. वरदान अस्पताल रायपुर
8. डीएचटी केयर अस्पताल सरगुजा
9. एससीएच अस्पताल बस्तर
10. अशोक प्रसूति मंदिर बिलासपुर
11. केयर एंड क्योर मल्टीस्पेशलिटी बिलासपुर
12. मेहता चिल्ड्रन नर्सिंग होम बिलासपुर
13. श्री शंकराचार्य इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस दुर्ग
14. पल्स अस्पताल दुर्ग
15. जय जगन्नाथ हैल्थकेयर कवर्धा
16. नेताम अस्पताल एंड इंफर्लिटी सेंटर कोंडागांव
17. हरिकृष्ण केयर अस्पताल कोरबा
दो अस्पतालों पर कार्रवाई
राज्य स्तरीय जांच दल की अनुशंसा पर 28 एवं 29 सितंबर 2026 को रायपुर स्थित मेडिलाइफ अस्पताल एवं लोटस अस्पताल के विरुद्ध आयुष्मान योजना से डी-इम्पेनलमेंट की कार्रवाई भी की गई है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा निगरानी
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के निर्देशानुसार स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी आयुष्मान योजना के अंतर्गत अस्पतालों में उपचार तथा दावों की प्रक्रिया की सतत जांच एवं निगरानी कर रहे हैं। इसका मुख्य उद्देश्य योजना के पात्र हितग्राहियों को गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी एवं नियमानुसार स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करना तथा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को और मजबूत करना है।
वेरी हाई रिस्क क्या है?
यह नेशनल हैल्थ अथॉरिटी नई दिल्ली द्वारा तैयार किए गए डेटा एनालिटिक्स और फ्रॉड डिटेक्शन सिस्टम के आधार पर दिया जाने वाला एक रिस्क फ्लैग (चेतावनी) है। यह स्कोर उन अस्पतालों को दिया जाता है, जिनके क्लैम या उपचार पैकेजों में संदिग्ध अनियमितताएं, गड़बड़ी या तय नियमों का उल्लंघन पाया जाता है।
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Updated on:
01 Oct 2026 04:02 am
Published on:
01 Oct 2026 04:01 am
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