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Chhattisgarh: अब घर बैठे एक क्लिक में कराएं जमीन का सीमांकन, तहसील दफ्तरों के चक्करों से मिली मुक्ति

छत्तीसगढ़ सरकार ने एक और बड़ा कदम बढ़ाया, लोक सेवा केंद्र और मोबाइल से ही हो जाएगा जमीन का सीमांकन, पारदर्शी हुई प्रक्रिया,,,
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Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में नागरिक सुविधाओं को सुगम, पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक और बड़ा कदम बढ़ाया है। प्रदेश के राजस्व एवं भू-अभिलेख विभाग ने जमीन के सीमांकन संबंधी प्रकरणों के त्वरित और सहज निपटारे के लिए एक नया ऑनलाइन पोर्टल विकसित कर लागू कर दिया है। इस आधुनिक व्यवस्था के शुरू होने से अब आम नागरिकों को अपनी ही जमीन की नाप-जोख या सीमांकन कराने के लिए तहसील कार्यालयों के बार-बार चक्कर काटने की मजबूरी से पूरी तरह मुक्ति मिल जाएगी। राज्य का कोई भी नागरिक अब अपने घर अथवा नजदीकी केंद्र से ही सीमांकन के लिए ऑनलाइन आवेदन जमा कर सकेगा।

पुरानी व्यवस्था के तहत जमीन का सीमांकन कराने के लिए आवेदकों को खुद तहसील दफ्तर जाकर आवेदन जमा करना पड़ता था। इतना ही नहीं, आवेदन के बाद फाइल किस स्तर पर अटकी है, कार्रवाई पूरी होने में देरी क्यों हो रही है या किन कारणों से मामला लंबित है-इसकी सही जानकारी समय पर न मिल पाने के कारण लोगों को हफ्तों और महीनों तक दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे। नवीन व्यवस्था ने इस पूरी जटिल प्रक्रिया को बेहद सुलभ बना दिया है। अब नागरिक अपनी सुविधा अनुसार लोक सेवा केंद्र, सेवा सेतु या फिर राजस्व विभाग के सिटीजन पोर्टल के माध्यम से सीधे ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे।

जैसे ही कोई आवेदक ऑनलाइन फॉर्म जमा करेगा, वह सीधे संबंधित क्षेत्र के तहसीलदार की लॉग-इन आईडी में प्राप्त हो जाएगा और निर्धारित प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। इसके साथ ही सीमांकन की पूरी जांच और मौका मुआयना करने के बाद राजस्व निरीक्षक भी अपनी जांच रिपोर्ट ऑनलाइन ही प्रस्तुत करेंगे। इस नए पोर्टल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि आवेदक अपने आवेदन की अद्यतन स्थिति, प्रकरण की प्रगति, फाइल लंबित रहने के कारणों और जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा की गई कार्रवाई की हर छोटी-बड़ी अपडेट घर बैठे देख सकेंगे, जिससे प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बनी रहेगी और मामलों का समय-सीमा में निपटारा हो सकेगा।

इस नई व्यवस्था की एक और बड़ी राहत देने वाली बात यह है कि यदि सीमांकन प्रक्रिया के दौरान किसी भी पक्ष द्वारा कोई आपत्ति दर्ज नहीं की जाती है, तो आवेदक को तहसील कार्यालय में शारीरिक रूप से उपस्थित होने की आवश्यकता भी नहीं पड़ेगी। केवल किसी प्रकार की आपत्ति या जमीन से जुड़ा विवाद सामने आने पर ही संबंधित पक्षों को आमने-सामने की कार्रवाई के लिए बुलाया जाएगा।