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कर्नाटक: कोरोना की तीसरी लहर का खतरा बरकरार, बच्चों के लिए अस्पतालों में आरक्षित होंगे 20 फीसदी बिस्तर

निजी स्तर पर ऑक्सीजन वाले 25,870 बिस्तर और बच्चों के लिए 502 वेंटिलेटर तैयार रखे गए हैं।
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Updated: 23 Sep 2021, 10:12 PM IST
Covid-19 case in karnataka
Covid-19 case in karnataka

नई दिल्ली। कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री के सुधाकर ने गुरुवार को कोरोना महामारी की तीसरी लहर की आशंका के बीच तैयारियों का ब्योरा लिया। इसके तहत राज्य सरकार ने फैसला लिया है कि जिला अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में बच्चों के लिए 20 प्रतिशत बिस्तर आरक्षित कर लिए गए हैं।

तीसरी लहर में बच्चों को अधिक खतरा

स्वास्थ्य मंत्री सुधाकर ने कोरोना संक्रमण की संभावित तीसरी लहर से निपटने को लेकर की गई तैयारियों, खासकर, बच्चों से संबंधित तैयारियों पर जोर दिया है।

मंत्री ने कहा कि तकनीकी सलाहकार समिति ने सुझाव दिया है कि कोरोना की संभावित तीसरी लहर में बच्चों को अधिक खतरा होगा। इसके तहत सरकार की ओर से सरकारी और निजी स्तर पर ऑक्सीजन वाले 25,870 बिस्तर और बच्चों के लिए 502 वेंटिलेटर तैयार रखे गए हैं।

बुनियादी ढांचों को तैयार रखा गया है

उन्होंने कहा कि सभी जरूरी उपकरण और बुनियादी ढांचों को तैयार रखा गया है। कुछ और उपकरण आने बाकी हैं। ये शायद 15 दिनों से तीन हफ्ते में आ सकते हैं। उन्हें अस्पतालों में उपलब्ध कराया जाएगा। मंत्री के अनुसार जिले के अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में 20 प्रतिशत तक बिस्तर बच्चों के लिए आररिक्ष रखे जाएंगे।

उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के मामले कम होने के बाद से अस्पतालों में बिस्तरों की कमी नहीं रह गई है। हालांकि यह सच है कि रायचूर जैसे कुछ स्थानों पर बिस्तरों की कमी देखी गई है। इसके लिए तुरंत उपाय कर दिए गए हैं।

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