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बेल्लारी हिंसा मामले में बड़ा खुलासा, कांग्रेस विधायक के बॉडीगार्ड की गोली बनी मौत की वजह

Ballari Violence: कर्नाटक के बेल्लारी जिले में कांग्रेस और बीजेपी समर्थकों के बीच हुई हिंसा में कांग्रेस कार्यकर्ता राजशेखर की गोली लगने से मौत हो गई। फॉरेंसिक जांच में पता चला कि गोली कांग्रेस विधायक नारा भरत रेड्डी के निजी गार्ड की बंदूक से चली थी।

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Jan 03, 2026
बेल्लारी हिंसा में सनसनीखेज खुलासा (X)

Ballari Violence: कर्नाटक के बेल्लारी जिले में कांग्रेस और बीजेपी समर्थकों के बीच गुरुवार देर रात हुई हिंसक झड़प को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है। इस झड़प के दौरान गोली लगने से कांग्रेस कार्यकर्ता राजशेखर की मौत हो गई थी। अब पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच में संकेत मिले हैं कि राजशेखर को लगी घातक गोली कथित तौर पर कांग्रेस विधायक नारा भरत रेड्डी के निजी गॉर्ड की बंदूक से चली थी।

फॉरेंसिक रिपोर्ट में मिले सबूत

राजशेखर का पोस्टमार्टम बेल्लारी मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च सेंटर में किया गया। फॉरेंसिक टीम को उनके शरीर से 12 एमएम सिंगल बोर गोली का हिस्सा मिला है। जांच में यह हिस्सा उन कारतूसों से मेल खाता बताया जा रहा है, जिनका इस्तेमाल विधायक नारा भरत रेड्डी और उनके करीबी निजी व सरकारी बॉडीगॉर्ड की बंदूकों में होता है।

पांच बंदूकें जब्त

हिंसा के बाद पुलिस ने नारा भरत रेड्डी और उनके सहयोगियों के निजी व सरकारी गनमैनों की कुल पांच बंदूकें जब्त कर ब्रूसपेट थाने में सुरक्षित रखी हैं। फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और पोस्टमार्टम के दौरान बरामद बुलेट के टुकड़ों की इन हथियारों से तुलना की। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार, वैज्ञानिक साक्ष्य इस ओर इशारा कर रहे हैं कि जानलेवा गोली इन्हीं में से किसी एक अंगरक्षक की बंदूक से चली।

विधायक और समर्थकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज

इस मामले में बीजेपी की शिकायत के आधार पर कांग्रेस विधायक नारा भरत रेड्डी और उनके समर्थकों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई है। शहर में हुई झड़प को लेकर दो अलग-अलग एफआईआर ब्रूसपेट थाना क्षेत्र में दर्ज हुई हैं।

बीजेपी की शिकायत में गंभीर आरोप

जानकारी के मुताबिक, बीजेपी की शिकायत के आधार पर विधायक जनार्दन रेड्डी के घर में कथित घुसपैठ, जातिसूचक टिप्पणी और हमले की कोशिश जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इन मामलों में विधायक नारा भरत रेड्डी, उनके पिता सूर्यनारायण रेड्डी, चाचा प्रताप रेड्डी और उनके करीबी सहयोगी सतीश रेड्डी, चैनाल शेखर, लोकेश अव्वंबावी, गंगाधर समेत कई लोगों के नाम शामिल हैं। एक मामले में 41 लोगों, जबकि दूसरे में 23 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। दोनों ही मामले ब्रूसपेट पुलिस स्टेशन में दर्ज हैं।

Published on:
03 Jan 2026 10:54 am
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