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Karnataka BJP Protest: कर्नाटक में सियासी पारा गर्म: खाली कटोरा लेकर भाजपा का जोरदार प्रदर्शन, ‘वंदे मातरम’ पर भी घेरा

Karnataka BJP protest: कर्नाटक की सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मोर्चा खोल दिया है। राज्य के खजाने की तंगहाली को लेकर भाजपा नेताओं ने बुधवार को सड़कों पर उतरकर जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया।
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Sep 23, 2026
Karnataka BJP protest
Karnataka BJP protest (Photo-ANI)

Karnataka BJP Protest: बेंगलुरु। कर्नाटक की सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मोर्चा खोल दिया है। राज्य के खजाने की तंगहाली को लेकर भाजपा नेताओं ने बुधवार को सड़कों पर उतरकर जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी हाथ में खाली कटोरे लिए कांग्रेस सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। पार्टी के विधान परिषद सदस्य एन. रवि कुमार ने कहा कि ग्रामीण सड़कों के विकास के लिए 10 हजार करोड़ रुपए की जरूरत बताई गई थी, लेकिन वित्त विभाग की ओर से मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में खजाने में पर्याप्त धन उपलब्ध नहीं होने की बात कही गई।

'सरकार का खजाना खाली, किसान बदहाल'

प्रदर्शन के दौरान भाजपा एमएलसी एन. रवि कुमार ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का खजाना पूरी तरह खाली हो चुका है। ग्रामीण सड़कों के सुधार के लिए वित्त विभाग से 10,000 करोड़ रुपए की मांग की गई थी, लेकिन वित्त विभाग ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर साफ कर दिया है कि खजाने में फंड उपलब्ध नहीं है। रवि कुमार ने आगे कहा कि राज्य पर 8 लाख करोड़ रुपए से अधिक का कर्ज हो चुका है। राज्य के किसान सूखे की मार झेल रहे हैं और उन पर हजारों करोड़ रुपए का बकाया है, लेकिन सरकार के पास राहत देने के लिए पैसे नहीं हैं। भाजपा ने मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों के किसानों को तत्काल वित्तीय सहायता दी जाए।

'वंदे मातरम' विवाद: तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप

दूसरी ओर, भाजपा विधायक वाई. भरत शेट्टी ने 'वंदे मातरम' के मुद्दे पर कांग्रेस सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि मामला अदालत में होने से इतर यह राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रगान की पवित्रता से जुड़ा विषय है।

शेट्टी ने कहा कि वंदे मातरम ही वह प्रेरणा थी जिसने हमारे देशवासियों को अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई में एकजुट किया था। महज अपने वोट बैंक को साधने और तुष्टिकरण के लिए कांग्रेस छह में से केवल दो अंतरे गाए जाने का समर्थन कर रही है। ऐसे संवेदनशील विषय में किसी अदालती हस्तक्षेप की जरूरत ही नहीं होनी चाहिए।

Updated on:
23 Sept 2026 12:22 pm
Published on:
23 Sept 2026 12:17 pm